

Pakistan Maulana Murder In Khyber Pakhtunkhwa: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में प्रसिद्ध मौलाना मोहम्मद इदरीस की अज्ञात लोगों ने बेरहमी से गोलीमार कर हत्या कर दी है। इस भयानक हमले से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और लोग भारी संख्या में सड़कों पर उतर आए हैं। जेयूआई-एफ के नेता मौलाना इदरीस पार्टी प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान के बेहद करीबी माने जाते थे।
पुलिस महानिरीक्षक जुल्फिकार हमीद ने इस पूरी घटना को टारगेट किलिंग करार देते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मौत की खबर फैलते ही आक्रोशित समर्थकों ने चारसादा शहर में मार्च निकालकर मुख्य सड़कों को पूरी तरह जाम कर दिया। हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर फारूक-ए-आजम चौक पर लोगों ने बड़ा धरना शुरू कर दिया है।
काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट और पुलिस की संयुक्त जांच टीम ने बताया कि चार आतंकवादियों ने मिलकर मौलाना को निशाना बनाया। सेफ सिटी कैमरों की मदद से इन सभी संदिग्ध हमलावरों की तस्वीरें निकाल ली गई हैं और आगे की पहचान की जा रही है। पुलिस इन सभी आतंकवादियों को जल्द पकड़ने के लिए कई अहम ठिकानों पर लगातार भारी छापेमारी कर रही है। मौलाना इदरीस के परिवार में इस तरह का यह पहला भयानक हमला नहीं है, इससे पहले भी उनके ससुर की जान जा चुकी है। उनके ससुर और प्रसिद्ध विद्वान मौलाना हसन जान की भी साल 2007 में आतंकवादियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। उन्होंने उस समय देश में सशस्त्र संघर्ष का भारी विरोध किया था जिसके कारण उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस दुखद हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी कायरतापूर्ण हरकतें पूरे देश का मनोबल किसी भी कीमत पर बिल्कुल नहीं गिरा सकती हैं। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और राज्यपाल फैसल करीम कुंडी ने भी इस बड़े हमले की कड़ी निंदा की है।
अवामी नेशनल पार्टी के अध्यक्ष ऐमल वली खान ने इस घटना पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह दिनदहाड़े हुई हत्या प्रांत में तेजी से बिगड़ती हुई कानून-व्यवस्था का एक जीता-जागता सबूत है। उन्होंने सरकार से पूरे प्रांत में शांति बहाली के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की सख्त अपील की है।