पाकिस्तान और ईरान गठजोड़ से बढ़ा तनाव, न्यूक्लियर सपोर्ट पर अमेरिका हुआ अलर्ट

Pakistan Supports Iran nuclear deal: पाकिस्तान ने ईरान के परमाणु शक्ति बनने के सपने को अपना समर्थन दिया है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच तनाव चरम सीमा पर है।
पाकिस्तान और ईरान गठजोड़ से बढ़ा तनाव, न्यूक्लियर सपोर्ट पर अमेरिका हुआ अलर्ट
पाकिस्तान और ईरान गठजोड़ से बढ़ा तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran pakistan News: पाकिस्तान ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के प्रति समर्थन जताया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यह बयान उस समय दिया जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन पाकिस्तान के दौरे पर थे। इससे पहले अमेरिका ने ईरान के नतांज, फोर्डो और इस्फहान स्थित परमाणु ठिकानों पर बी-2 बॉम्बर्स के जरिए जबरदस्त हवाई हमले किए थे। इजरायल ने भी ईरान पर हमला किया था। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य ईरान की परमाणु क्षमता को रोकना था।

ईरानी राष्ट्रपति के पाकिस्तान पहुंचने पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई।

12 समझौतों और सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर

पाकिस्तान और ईरान ने अपने द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 3 अरब डॉलर से बढ़ाकर 10 अरब डॉलर तक पहुंचाने का संयुक्त लक्ष्य निर्धारित किया है, जो वर्तमान स्तर से तीन गुना से अधिक है। इसके साथ ही, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हुई वार्ता के बाद दोनों देशों ने 12 समझौतों और सहमति पत्रों पर भी हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।

तीनों देशों में तनाव अपने चरम पर

इस दौरे की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए पाकिस्तान ने ईरान के परमाणु शक्ति बनने के सपने को अपना समर्थन दिया है। यह बयान ऐसे संवेदनशील समय में सामने आया है जब ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। खासकर जून 2025 में इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु स्थलों पर किए गए हवाई हमलों के बाद यह स्थिति और भी विस्फोटक हो गई है।

पाकिस्तान की यह घोषणा न सिर्फ क्षेत्र में सत्ता संतुलन को बदल सकती है, बल्कि यह अमेरिका के साथ उसके संबंधों पर भी संदेह पैदा करती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ट्रंप प्रशासन की नीतियों में पाकिस्तान फिलहाल प्राथमिकता में है। ट्रंप ने व्यापारिक शुल्कों में पाकिस्तान को काफी छूट दी है और उस पर केवल 19 प्रतिशत टैरिफ ही लागू किया है।

पाकिस्तान ने खेला दोहरा खेल

इसके अलावा, ट्रंप ने पाकिस्तान में तेल निकालने की संभावनाओं का भी जिक्र किया है। इन घोषणाओं से पाकिस्तानी नेतृत्व सतही तौर पर खुश नजर आ रहा है। लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम का समर्थन करके पाकिस्तान ने एक चालाकी भरा दोहरा खेल खेला है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल का पूरा हक है। यही मुद्दा हाल ही में ईरान और इजरायल के बीच तनाव का कारण बना था।

शरीफ ने कहा, "पाकिस्तान ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ एकजुटता दिखाता है।" उन्होंने ईरान पर इजरायली हमलों की निंदा की और तेहरान द्वारा अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों की सराहना की।

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