पाकिस्तान के अस्तित्व पर संकट! बलूचों से मिली हार के बाद आर्मी चीफ ने शहबाज सरकार को लताड़ा, युद्ध की चेतावनी

पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर ने बलूचिस्तान में ट्रेन हाईजैक की घटना के बाद शहबाज सरकार की कड़ी आलोचना की है। इस हमले को लेकर बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि इसमें 100 से अधिक सैनिक मारे गए हैं।
पाकिस्तान के अस्तित्व पर संकट! बलूचों से मिली हार के बाद आर्मी चीफ ने शहबाज सरकार को लताड़ा, युद्ध की चेतावनी
पाक आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर और शहबाज शरीफ, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
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इस्लामाबाद: बलूचिस्तान में ट्रेन हाईजैक की घटना के बाद पाकिस्तानी सेना को हुई किरकिरी से आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर नाराज हो गए हैं। मंगलवार को उन्होंने पाकिस्तान को एक "सख्त देश" बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना है कि उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई देश की सुरक्षा और अस्तित्व के लिए जरूरी है।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर संसद की समिति की उच्च स्तरीय बैठक में जनरल मुनीर ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार को कठोर शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने शासन में सुधार की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन की कमजोरियों के कारण आम नागरिकों की जान जा रही है। उन्होंने तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर कब तक पाकिस्तानी सेना और उसके जवानों के बलिदान से इस शासकीय खाई को भरा जाता रहेगा?

शहबाज सरकार को लगाई फटकार

बलूचिस्तान में भीषण ट्रेन हमले के बाद पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने संसदीय समिति की बैठक में शहबाज शरीफ सरकार और प्रांतीय प्रशासन को जमकर लताड़ लगाई। बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की माजिद ब्रिगेड ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, जिसमें बलूचों के दावे के अनुसार 100 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।

यह उच्चस्तरीय बैठक नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने बुलाई थी, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता शामिल हुए, हालांकि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने इसका बहिष्कार किया। बैठक में जनरल मुनीर ने उग्रवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि यह लड़ाई पाकिस्तान और उसकी आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व को बचाने के लिए अनिवार्य है।

भारत और अफगानिस्तान पर आरोप

पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जो लोग आतंकवाद के जरिए पाकिस्तान को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि देश एकजुट है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न केवल आतंकियों को हराया जाएगा, बल्कि उन्हें समर्थन देने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। इससे पहले, पाकिस्तान सरकार ने भारत और अफगानिस्तान पर आरोप लगाया था कि उन्होंने बलूच लिबरेशन आर्मी को इस हमले में सहयोग दिया। वहीं, इमरान खान की पार्टी ने देश की मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई गई मंगलवार की महत्वपूर्ण सुरक्षा बैठक का बहिष्कार किया।

पीटीआई ने बैठक का बहिष्कार किया

नेशनल असेंबली के अध्यक्ष अयाज सादिक ने 11 मार्च को बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) द्वारा एक ट्रेन के अपहरण की घटना के मद्देनजर राष्ट्रीय सुरक्षा पर संसदीय समिति की एक गोपनीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने बहिष्कार किया, जबकि पार्टी प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान फिलहाल जेल में हैं। अपहरण की यह घटना बलूचिस्तान के बोलन क्षेत्र में हुई थी, जहां बीएलए ने 425 यात्रियों से भरी ट्रेन को अपने कब्जे में ले लिया था। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सलाह पर बुलाई गई इस महत्वपूर्ण बैठक में सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर, प्रमुख मंत्रियों, प्रांतीय मुख्यमंत्रियों, गवर्नर और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए।

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