

Pakistan Diesel Price Hike Impact: पाकिस्तान में ईंधन की बढ़ी दरों से आम नागरिकों और कारोबारियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल के दामों में की गई नई बढ़ोतरी से देश भर के ट्रांसपोर्टर्स भारी दबाव में हैं।
ईंधन की उच्च कीमतों और सरकारी टैक्स के भारी बोझ के कारण माल ढुलाई क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने काम रोक दिया है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून और डॉन की रिपोर्टों के अनुसार इस संकट का प्रभाव पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के साथ-साथ कारोबारियों और ट्रांसपोर्टर्स की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण माल ढुलाई का खर्च लगातार बढ़ रहा है।
ऑल पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुहम्मद ओवैस चौधरी ने बुधवार को कहा कि डीजल की बढ़ती कीमतों ने माल ढुलाई उद्योग को गंभीर संकट में डाल दिया है। उनके मुताबिक, कई ट्रांसपोर्टर्स भारी घाटे के कारण अपना कारोबार बंद करने को मजबूर हुए हैं।
मुहम्मद ओवैस चौधरी के अनुसार, डीजल की कीमत बढ़ने के बाद ट्रांसपोर्टर्स के लिए वाहन चलाने की लागत काफी बढ़ गई है। ईंधन के अलावा टैक्स और लेवी का बोझ भी कारोबार पर पड़ रहा है।
उनका कहना है कि ईंधन और अन्य खर्च निकालने के बाद ट्रांसपोर्टर्स के पास पर्याप्त मुनाफा नहीं बच रहा है। ऐसे में माल ढुलाई का कारोबार उनके लिए घाटे का सौदा बनता जा रहा है।
चौधरी ने सरकार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर को राहत नहीं मिली तो स्थिति और मुश्किल हो सकती है।
पाकिस्तान सरकार ने मंगलवार को पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल यानी HSD की कीमतों में नई बढ़ोतरी की घोषणा की। आदेश के अनुसार पेट्रोल के दाम में 4.10 PKR प्रति लीटर और हाई स्पीड डीजल में 6.41 PKR प्रति लीटर की वृद्धि की गई।
पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की कीमत 384.34 PKR प्रति लीटर हो गई है। वहीं हाई स्पीड डीजल का भाव बढ़कर 415.83 PKR प्रति लीटर पहुंच गया है। नई दरें बुधवार से लागू हो गई हैं।
पाकिस्तान सरकार पेट्रोल पर 114 PKR प्रति लीटर और डीजल पर 100 PKR प्रति लीटर का टैक्स वसूल रही है। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि ऊंची ईंधन कीमतों के साथ इन टैक्सों का बोझ उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने 17 जुलाई को ईंधन कीमतों को लेकर कहा था कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ रहा है। इसी अनिश्चितता के बीच पाकिस्तान ने ईंधन की कीमतों की नियमित समीक्षा का फैसला लिया है।
पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद पाकिस्तान सरकार ईंधन की कीमतों में साप्ताहिक संशोधन कर रही थी। साथ ही विदेशी मुद्रा बचाने के लिए देश में ईंधन की खपत कम करने के उपाय भी किए गए।
हालांकि, लगातार महंगे होते डीजल और भारी टैक्स के कारण ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर दबाव बढ़ रहा है। माल ढुलाई की लागत बढ़ने से इसका असर सामान की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्टर्स अब ईंधन दरों में राहत की मांग कर रहे हैं।