

Pakistan News In Hindi: पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा के बीच प्रांतीय सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रांतीय गृह विभाग ने देश के प्रमुख अखबारों में 39 वांछित लोगों की एक बड़ी सूची प्रकाशित की है, जिन पर गंभीर आतंकवादी गतिविधियों और राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप हैं। इस सूची की सबसे बड़ी खासियत इन संदिग्धों पर घोषित की गई भारी-भरकम इनामी राशि है जो कुल मिलाकर 136 करोड़ रुपये से अधिक है।
सरकार की इस नई फेहरिस्त ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है क्योंकि इसमें ऐसे नाम शामिल हैं जो सालों से विदेशों में राजनीतिक शरण लेकर रह रहे हैं। सूची में दो सबसे प्रमुख नाम नवाबजादा ब्रह्मदाग बुगटी और नवाबजादा हयरबयार मर्री के हैं। ब्रह्मदाग बुगटी, दिवंगत बलूच नेता नवाब अकबर बुगटी के पोते हैं और 2010 से स्विट्जरलैंड में राजनीतिक शरण लेकर रह रहे हैं। वहीं, हयरबयार मर्री जो कभी बलूचिस्तान विधानसभा के सदस्य भी रहे थे वर्तमान में ब्रिटेन में रह रहे हैं। पाकिस्तान सरकार का दावा है कि ये नेता विदेशों में बैठकर बलूचिस्तान में अस्थिरता और हिंसा को हवा दे रहे हैं हालांकि ये नेता खुद को राजनीतिक कार्यकर्ता बताते रहे हैं।
इस सूची में प्रतिबंधित संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के शीर्ष नेतृत्व को भी निशाना बनाया गया है। BLA प्रमुख बशीर ज़ेब और कप्तान रहमान गुल पर 25-25 करोड़ रुपये का भारी इनाम रखा गया है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, बशीर ज़ेब के अफगानिस्तान में छिपे होने की संभावना है, जबकि वह वीडियो जारी कर बलूचिस्तान में अपनी मौजूदगी का दावा करता रहता है।
यह सूची 31 जनवरी को बलूचिस्तान के 12 शहरों में हुए भीषण हमलों के बाद जारी की गई है जिसकी जिम्मेदारी BLA ने ली थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, उन हमलों में 30 से अधिक नागरिक और 20 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। इसके जवाब में सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया, जिसमें 200 से अधिक उग्रवादियों को मारने का दावा किया गया है। सरकार का मानना है कि इस इनामी सूची और वित्तीय दबाव से उग्रवादी नेटवर्क को कमजोर किया जा सकेगा।