

Netanyahu Orders Attack on Hezbollah: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान में हिजबुल्लाह (Hezbollah) के ठिकानों पर “जेरदार हमला” करने का आदेश दिया है। यह फैसला उस समय आया है जब पिछले तीन हफ़्तों के लिए लागू युद्धविराम को दो दिन पहले बढ़ाया गया है। नेतन्याहू के आदेश के बाद इजरायली सेना ने तुरंत नई कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे सीमा पर तनाव बढ़ गया है।
लेबनान में शनिवार को हुए हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हुई। नबातियेह जिले के योहमोर अल-शकीफ कस्बे में एक ट्रक और मोटरसाइकिल पर इजरायली हमलों के दौरान चार लोग मारे गए। वहीं, बिंत जुबैल जिले के सफद अल-बत्तीख़ कस्बे में हुए हमले में दो लोगों की मौत हुई और 17 लोग घायल हुए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन जानमाल की हानि की पुष्टि की है।
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने कहा कि उसने हिजबुल्लाह (Hezbollah) के तीन सदस्यों को मार गिराया, जो एक हथियारों से भरे वाहन में सवार थे। इसके अलावा, मोटरसाइकिल पर सवार एक अन्य सदस्य को भी निशाना बनाया गया। IDF ने इन कार्रवाईयों को हिजबुल्लाह की सक्रियताओं को रोकने के प्रयास के रूप में बताया। दोनों पक्षों के बीच इस ताजा हिंसक घटनाक्रम ने युद्धविराम समझौते पर दबाव बढ़ा दिया है। यह समझौता पूरी तरह हमले रोकने तक सीमित नहीं था, बल्कि हिंसा में कमी लाने के उद्देश्य से लागू किया गया था। इसे गुरुवार को वॉशिंगटन में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद बढ़ाया गया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल की कार्रवाईयों ने युद्धविराम की नाजुकता को उजागर कर दिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में दोनों पक्षों की गतिविधियों से यह साफ होता है कि किसी भी छोटी चूक या हिंसक घटना पूरे समझौते को प्रभावित कर सकती है।
इससे पहले भी दोनों देशों के बीच कई बार सीमापार हमले हो चुके हैं। बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह कार्रवाई हिजबुल्लाह को उसकी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार ठहराने और भविष्य में सुरक्षा सुनिश्चित करने के मकसद से की गई है। दोनों देशों के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि हिंसा पर काबू पाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहना होगा।