
नेपाल त्रासदी में मरनो वालों की संख्या अब 675 हो गई है। अभी भी सैकड़ों लोग लापता है, जिसे ढूंढने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है। रेस्क्यू ऑपेशन के लिए भारत से भी विशेष टीम को नेपाल भेजा गया है।
Nepal Flash Floods Live Updates: नेपाल में आई अचानक बाढ़ में अब तक 675 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अभी भी लापता है। नेपाल में रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए भारत की एक विशेष तकनीकी टीम ने नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सुरंगों के अंदर फंसे लोगों की तलाश और बचाव के लिए जलविद्युत सुरंगों का मौके पर सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। नेपाल के अनुरोध पर भारत ने डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और टनल रेस्क्यू ऑपरेशन में विशेषज्ञ कर्मियों वाली 11 सदस्यीय रेस्क्यू टीम भेजी है। विशेष तकनीकी टीम रसुवा जिले में त्रिशूली 3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पहुंची है, जहां अचानक आए बाढ़ के बाद सुरंग के अंदर फंसे लोगों के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने ट्वीट कर बताया कि भारत से चौथी उड़ान काठमांडू पहुंच चुकी है। इस विमान में कुल 11 टन राहत सामग्री थी, जिसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल है। इस उड़ान में टनल में खोज और बचाव अभियान के लिए उपकरणों के साथ अतिरिक्त तकनीकी टीम भी आई है।
Indian Ambassador to Nepal, Naveen Srivastava, tweets, "4th flight from India with 11 tonnes of relief supplies including blankets, sleeping bags, tarpaulin, plastic sheets & hygiene kits arrived in Kathmandu. The flight also brought: Additional technical contingent along with… pic.twitter.com/90SfcuvLUV
— ANI (@ANI) August 30, 2026
नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने बताया कि रसुवा के जिला प्रशासन कार्यालय को जानकारी मिली है कि भोटे कोशी नदी में बाढ़ का बहाव तेज होने की आवाज सुनी गई है। इसलिए, हम रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग तक नदी के आस-पास के इलाकों में सावधानी बरतने का अनुरोध करते हैं। जैसे ही और जानकारी मिलेगी, हम आगे की अपडेट देंगे।
जिल्ला प्रशासन कार्यालय, रसुवाबाट भोटेकोशी नदीमा बाढीको बहाव बढेको आवाज सुनिएको भन्ने सूचना प्राप्त भएकोले रसुवा, नुवाकोट, धादिंङसम्म नदी आसपासको क्षेत्रमा सतर्कता अपनाउनु हुन अनुरोध गर्दछौं। थप जानकारी प्राप्त हुनासाथ थप अपडेट गर्दै जाने छौै।
— NDRRMA (@NDRRMA_Nepal) August 29, 2026
नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट से ड्रोन से ली गई तस्वीरों में हालिया बाढ़ से हुए नुकसान को देखा जा सकता है। इनमें गांव और घर मोटी कीचड़ में दबे हुए, पुल टूटे हुए और नदी के किनारे मलबा बिखरा हुआ दिखाई दे रहा है। मौसम की वजह से कुछ समय के लिए रोके गए खोज और बचाव अभियान फिर से शुरू हो गए हैं, क्योंकि अधिकारी लगभग 3,000 लापता लोगों का पता लगाने की कोशिशें जारी रखे हुए हैं।
#WATCH | Nuwakot, Nepal: Drone visuals from Devighat in Nuwakot district show the damage caused by the recent floods, with villages and houses covered in thick mud, damaged bridges, and debris scattered along the river. Search and rescue operations have resumed after a brief… pic.twitter.com/mo9R0JVcLd
— ANI (@ANI) August 30, 2026
चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (TAR) में हाल ही में आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद, TAR अधिकारियों ने लापता विदेशी नागरिकों के बारे में जानकारी चाहने वाले परिवारों की मदद के लिए दो समर्पित 24-घंटे चलने वाली अंग्रेजी-भाषा की हेल्पलाइन शुरू की हैं। बीजिंग में भारतीय दूतावास की इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है-
0086-891-6817165
0086-183-0802-6705
Following the recent flash floods and mudslides in the Tibet Autonomous Region (TAR), People’s Republic of China, TAR authorities have established two dedicated 24-hour English-language hotlines to assist families seeking information about missing foreign nationals.
— India in China (@EOIBeijing) August 30, 2026
The hotlines…
नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ और भूस्खलन से 734 की मौत की खबर सामने आई है। वहीं 4 हजार से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल में तबाही के बाद पुनर्निर्माण की चुनौती खड़ी हो गई है।
तमिलनाडु राज्य मंत्री राजमोहन ने बताया कि नेपाल में फंसे तमिलनाडु के 319 लोगों में से 219 को बचा लिया गया है और ये सभी 219 लोग 31 अगस्त तक तमिलनाडु पहुंच जाएंगे। बाकी 100 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और उन्हें फिलहाल लापता माना जा रहा है।
नेपाल त्रासदी में मौंतों की संख्या 734 हो गई है। नेपाल के त्रिशुली इलाके में आई भयानक बाढ़ के बाद, बचे हुए लोग कीचड़ और मलबे में अपना सामान और लापता अपनों को ढूंढ रहे हैं।
VIDEO | Trishuli, Nuwakot (Nepal): Survivors search through mud and debris for belongings and missing loved ones after devastating floods swept through the area.
— Press Trust of India (@PTI_News) August 30, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/KzUP83Sk03
काठमांडू में नेपाल बाढ़ में लापता लोगों के परिवार और रिश्तेदार लगातार त्रिभुवन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के मुर्दाघर पहुंच रहे हैं, जहां पीड़ितों के शव लाए जा रहे हैं। रिश्तेदार अपने परिजनों की खोज में इधर-उधर भटक रहे है।
#WATCH | Kathmandu, Nepal: Families and relatives of those missing in the floods continue to reach out to the morgue at Tribhuvan University Institute of Medicine, where the bodies of victims are being brought. pic.twitter.com/o0CRKF3JpA
— ANI (@ANI) August 30, 2026
नेपाल त्रासदी के बाद रविवार को गोरखा को धादिंग से जोड़ने वाला पुल बह गया। इस पुल के टूटने से रेस्क्यू टीम को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल में तैनात भारतीय फोरेंसिक टीम के सदस्यों से मुलाकात की। यह टीम हाल ही में आई अचानक बाढ़ के पीड़ितों के शवों की पहचान में मदद करने के लिए DNA सैंपल के विश्लेषण में अपने नेपाली समकक्षों के साथ मिलकर काम करेगी।
नेपाल में बाढ़ के बाद हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। करीब 898 कर्मचारी अब भी फंसे हैं, जबकि 361 कर्मचारियों को अब तक बचाया जा चुका है।
सड़क विभाग (DoR) के कर्मचारी विनाशकारी बाढ़ के बाद त्रिशूली हाइड्रोपावर प्लांट में खुदाई का काम कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने आज रविवार, 30 अगस्त शाम 5:30 बजे तक नेपाल में बचाए गए भारतीय नागरिकों के बारे में अपडेट दिया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्वीट किया, "आज, 30 अगस्त को शाम 5:30 बजे तक नेपाल में बचाए गए भारतीय नागरिकों के बारे में अपडेट।" pic.twitter.com/y1Ft1tqsI9
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 30, 2026
नेपाल में हिमालयी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित इलाकों में से एक के निवासी रविवार (30 अगस्त) को अपने बर्बाद हो चुके घरों में लौटे। आपदा के कुछ दिनों बाद ही वे अपनी जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं। त्रिशूली निवासी मीना गुप्ता ने कहा कि अब हम क्या करेंगे? कुछ भी नहीं बचा है। हम म्युनिसिपल बिल्डिंग में रह रहे हैं और वहीं सो रहे हैं। अब हम पूरी तरह से बेबस हैं। हमें नहीं पता कि हम क्या करेंगे।
#WATCH | नुवाकोट, नेपाल: नेपाल में अचानक आई बाढ़ | नेपाल में हिमालयी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित इलाकों में से एक के निवासी रविवार (30 अगस्त) को अपने बर्बाद हो चुके घरों में लौटे। आपदा के कुछ दिनों बाद ही वे अपनी ज़िंदगी को फिर से पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं।… pic.twitter.com/39bHJka4tx
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 30, 2026
भारत की फोरेंसिक टीमों ने नेपाल पुलिस सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में नेपाली विशेषज्ञों से मुलाकात की। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने ट्वीट में कहा कि भारत की फ़ोरेंसिक टीमों ने नेपाल पुलिस सेंट्रल फ़ोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में नेपाली विशेषज्ञों से मुलाक़ात की। यह मुलाक़ात रासुवा में आई भयानक बाढ़ में जान गंवाने वालों के DNA सैंपल के विश्लेषण के अहम काम के लिए थी। नेपाल में राहत कार्यों के लिए भारत का सहयोग जारी है।