

Latest Nepal Ambassador Vacancy Update: नेपाल की राजनीति में एक बहुत ही बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार ने राजदूतों की नियुक्ति के लिए पूरी तरह से खुली भर्ती निकालने का फैसला किया है। यह नेपाल में राजदूत पद की रिक्ति से जुड़ा नवीनतम अपडेट पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में इस वक्त चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है। इस अभूतपूर्व और नए कदम से नेपाल की कूटनीतिक चयन प्रक्रिया में बहुत बड़ा बदलाव आने की पूरी उम्मीद है।
अब तक नेपाल में राजदूतों का चयन केवल राजनीतिक आधार या करियर डिप्लोमैट्स के तय कोटे से ही होता था। लेकिन अब इस नई व्यवस्था के तहत योग्य और अनुभवी उम्मीदवारों को खुली प्रतियोगिता के जरिए अपना कौशल दिखाने का सीधा मौका मिलेगा। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भी वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में जल्द आधिकारिक रिक्तियां निकालने के स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं। माना जा रहा है कि इस अहम फैसले से देश की विदेश नीति में और भी अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी।
साल 2019 में केपी शर्मा ओली सरकार ने राजनीतिक नियुक्तियों के लिए एक निश्चित स्टैंडर्ड तय किया था। नेपाल के दिशा-निर्देश 2075 BS के अनुसार कुल पदों में से पचास प्रतिशत पद हमेशा करियर डिप्लोमैट्स से ही भरे जाने थे। बाकी के बचे हुए पचास प्रतिशत पदों पर सत्ताधारी राजनीतिक दलों की तरफ से नियुक्तियों के माध्यम से राजदूतों का चयन किया जाता था।
इस नई खुली प्रतियोगिता के लिए विदेश मंत्रालय बहुत जल्द ही अपनी आधिकारिक वैकेंसी जारी करने वाला है। इस प्रक्रिया में उम्मीदवारों की योग्यता, उनकी सटीक उम्र और उनके पिछले अनुभव से जुड़ी अहम जानकारियां विस्तार से मांगी जाएंगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उनकी विशेष योग्यता और उनके द्वारा किए गए शोध पत्रों पर भी बहुत ध्यान दिया जाएगा।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत, चीन, अमेरिका और ब्रिटेन सहित कुल 17 महत्वपूर्ण राजदूत पद खाली होने वाले हैं। इन सभी खाली पदों पर बहुत ही जल्द नए और योग्य राजदूतों को इस प्रतियोगिता से चुनकर संबंधित देशों में भेजा जाएगा। इसके अलावा विदेश सचिव बनने के लिए अब भारत और चीन में अपनी सेवा देना एक अनिवार्य शर्त भी मानी जाएगी।
नेपाल के कई पूर्व राजनयिक सरकार के इस नए और अभूतपूर्व फैसले पर लगातार अपने गंभीर सवाल भी उठा रहे हैं। एक पूर्व राजनयिक ने कहा कि सिर्फ खुली प्रतियोगिता से यह गारंटी बिल्कुल नहीं मिलती कि पूरी तरह से योग्य लोग ही चुने जाएंगे। उनका यह भी साफ मानना है कि राजदूत पद के लिए देश के प्रति गहरी निष्ठा चाहिए जो खुली भर्ती से प्रभावित हो सकती है।
पूर्व राजनयिकों का यह भी अहम सुझाव है कि सरकार को खुली भर्ती के बजाय सीधे विशेषज्ञों की तलाश यानी हेड हंटिंग करनी चाहिए। मंत्रालय को ऐसे योग्य लोगों को ढूंढना चाहिए जिनकी किसी खास और विशेष देश के मामलों में बहुत अच्छी और मजबूत पकड़ हो। इन सब के बावजूद बालेन शाह सरकार राजदूत चयन में पूरी पारदर्शिता लाने के लिए इस नई भर्ती प्रक्रिया पर तेजी से आगे बढ़ रही है।