समुद्र में पाक जहाज की नापाक हरकत, भारतीय युद्धपोत से टकराने पर भारत ने लगाई फटकार

Naval Collision Report: विदेश मंत्रालय ने पश्चिमी अरब सागर में INS कोलकाता से पाकिस्तानी जहाज के टकराने पर कड़ा विरोध जताया है तथा पाकिस्तान द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।
Randhir Jaiswal MEA press briefing
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Randhir Jaiswal MEA Press Briefing: पश्चिमी अरब सागर में भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS कोलकाता और पाकिस्तानी नौसेना के पोत PNS हुनैन के बीच हुई टक्कर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के उन आरोपों को खारिज किया है, जिनमें घटना के लिए भारतीय युद्धपोत को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की गई थी।

पश्चिमी अरब सागर में कैसे हुई INS कोलकाता और PNS हुनैन की टक्कर

पश्चिमी अरब सागर में भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS कोलकाता अपनी रेगुलर पेट्रोलिंग और डिप्लॉयमेंट पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का पोत PNS हुनैन भी उस क्षेत्र में पहुंचा। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तानी पोत की ओर से समुद्र में खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की मैन्युवरिंग की गई।

भारत का कहना है कि इसी दौरान दोनों युद्धपोतों के बीच टक्कर हुई। घटना के बाद पाकिस्तान की ओर से भारतीय जहाज पर आरोप लगाए गए, लेकिन विदेश मंत्रालय ने इन दावों को खारिज कर दिया और मामले में भारत की पोजीशन स्पष्ट की।

पाकिस्तान के दावों पर भारत ने जताया कड़ा विरोध

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस मामले पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने पाकिस्तान की प्रतिक्रिया को टालमटोल वाला बताया और कहा कि भारत उसके आरोपों को स्वीकार नहीं करता।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, INS कोलकाता अपनी तय डिप्लॉयमेंट के दौरान नियमों के तहत काम कर रहा था। भारत ने कहा कि घटना के लिए पाकिस्तानी युद्धपोत की खतरनाक मैन्युवरिंग जिम्मेदार थी। साथ ही पाकिस्तान के रवैये पर भी भारत ने आपत्ति जताई।

अप्रैल 1991 के एग्रीमेंट का दिया हवाला

भारत ने इस घटना के संदर्भ में अप्रैल 1991 में हुए भारत-पाकिस्तान के बाइलेट्रल मिलिट्री एग्रीमेंट का भी उल्लेख किया। इस एग्रीमेंट में दोनों देशों की मिलिट्री एक्टिविटीज, मैन्युवरिंग और सैनिकों की आवाजाही से जुड़े नियम तय किए गए हैं।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, एग्रीमेंट के आर्टिकल 10 में दोनों देशों की नेवल यूनिट्स के बीच सेफ डिस्टेंस बनाए रखने का प्रोविजन है। इसके तहत समुद्र में भारत और पाकिस्तान के युद्धपोतों को एक-दूसरे से 3 नॉटिकल मील की दूरी बनाए रखनी चाहिए।

3 नॉटिकल मील लगभग 5.5 किलोमीटर के बराबर होता है। भारत का आरोप है कि PNS हुनैन की ओर से की गई खतरनाक मैन्युवरिंग इस व्यवस्था की भावना के विपरीत थी और इससे मैरिटाइम सिक्योरिटी को खतरा पैदा हुआ।

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मैरिटाइम सिक्योरिटी और नियमों के पालन पर भारत का जोर

भारत ने कहा कि समुद्र में किसी भी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए प्रोफेशनल कंडक्ट और इंटरनेशनल मैरिटाइम रूल्स का पालन बेहद जरूरी है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को भविष्य में समुद्र में निर्धारित नियमों और बाइलेट्रल एग्रीमेंट्स का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है।

भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि मैरिटाइम सिक्योरिटी उसके लिए महत्वपूर्ण है और रेगुलर पेट्रोलिंग एवं डिप्लॉयमेंट के दौरान भारतीय नौसेना के जहाजों की सेफ्टी सुनिश्चित करना प्राथमिकता बनी रहेगी। INS कोलकाता और PNS हुनैन की टक्कर को लेकर दोनों देशों के बीच सामने आए अलग-अलग दावों के बीच भारत ने अपनी पोजीशन स्पष्ट कर दी है।

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