

Missile Attack Indian Merchant Ship Strait of Hormuz: भारत ने ओमान के पास भारतीय मालवाहक जहाज 'MSV हाजी अली' पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि समुद्री व्यापार मार्गों पर जहाजों और निर्दोष नाविकों को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह हमला 13 मई, 2026 की सुबह लगभग 3:30 बजे के आस-पास में हुआ। जब गुजरात का यह मालवाहक जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था। मिली जानकारी के अनुसार, जहाज पर ड्रोन या मिसाइल जैसे किसी विस्फोटक हथियार से हमला किया गया। हमले के तुरंत बाद जहाज में भीषण आग लग गई। जहाज के मालिक, गुजरात के द्वारका निवासी सुल्तान अहमद अंसार ने बताया कि 'MSV हाजी अली' बेरबेरा पोर्ट से शारजाह की ओर जा रहा था। चालक दल के सदस्यों ने बताया कि उन्हें अचानक एक जोरदार धमाका सुनाई दिया, जिसके बाद स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी।
जहाज पर आग लगने और उसके डूबने की स्थिति को देखते हुए चालक दल के 14 सदस्यों ने साहस दिखाते हुए लाइफ जैकेट पहनी और लाइफ बोट के जरिए जहाज छोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही ओमान कोस्टगार्डन ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए एक बड़े बचाव अभियान के माध्यम से सभी 14 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया। भारत सरकार ने इस संकट की घड़ी में त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए ओमानी अधिकारियों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों की सख्त निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। भारत ने स्पष्ट किया कि समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा डालना और बेगुनाह चालक दल के सदस्यों की जान जोखिम में डालना वैश्विक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। समुद्री सुरक्षा एक बड़ी चुनौती
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जैसे संवेदनशील व्यापारिक मार्ग पर हुआ यह हमला वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस घटना ने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसने भारतीय रक्षा विशेषज्ञों की चिंता भी बढ़ा दी है क्योंकि भारत का अधिकांश अंतरराष्ट्रीय व्यापार इसी महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर निर्भर है।