

Highlights:
मार्को रुबियो ने ईरान को दुनिया की शांति के लिए बड़ा खतरा बताया।
भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हमले करने का लगाया आरोप।
रुबियो ने कहा, ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा ट्रंप प्रशासन।
Marco Rubio Warns Iran: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तेहरान की सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ईरान पर मध्य पूर्व में अस्थिरता फैलाने, व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने और अपने ही नागरिकों की हत्या करने का आरोप लगाया। रुबियो ने चेतावनी दी कि अगर ऐसे शासन के हाथ परमाणु हथियार लग गए तो पूरी दुनिया के सामने गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान की गतिविधियां दुनिया को 80 से 100 साल पीछे के दौर में ले जा रही हैं।
शनिवार को एक बयान में रुबियो ने कहा कि ईरान जहाजों को उड़ा रहा है। इनमें ऐसे व्यापारिक जहाज भी शामिल हैं, जिन पर भारतीय नाविक सवार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान उन जहाजों को भी निशाना बना रहा है, जो उन देशों के लिए ऊर्जा और ईंधन लेकर जा रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे से जुड़े हैं।
रुबियो ने कहा कि दुनिया के सामने ऐसी स्थिति है, जहां एक देश खुलेआम व्यापारिक जहाजों को उड़ाने की बात कर रहा है। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि इसका असर दुनिया के हर देश पर पड़ रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बातचीत के लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं है और इस पर फैसला लेना राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अधिकार है।
रुबियो के मुताबिक, ईरान के साथ बातचीत कभी पूरी तरह बंद नहीं हुई। दोनों पक्षों के बीच सीधे और मध्यस्थों के जरिए लगातार संपर्क होता रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकता विवादों को कूटनीति और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना है।
रुबियो ने ईरान को मध्य पूर्व में अस्थिरता की सबसे बड़ी वजहों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि लेबनान में अशांति के पीछे ईरान समर्थित हिजबुल्लाह है, जबकि सऊदी अरब पर हमलों के लिए ईरान समर्थित हूती जिम्मेदार हैं। इराक में भी ईरान समर्थित मिलिशिया वहां की सरकार के सामने चुनौती खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करना चाहता है।
रुबियो ने चेतावनी दी कि जिस सरकार पर अपने ही नागरिकों के कत्लेआम के आरोप हैं, उसे परमाणु हथियार मिलना पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप के व्हाइट हाउस में रहते हुए अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।