'दुनिया किसी की जागीर नहीं', ट्रंप पर भड़के ब्राजील के राष्ट्रपति लूला; ईरान युद्ध के बीच सुनाई खरी-खरी

US Iran War: ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने ट्रंप की आक्रामक विदेश नीति पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने ईरान युद्ध के बीच दुनिया के देशों की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की अपील की।
'The World Is No One's Personal Fiefdom': Brazilian President Lula Lashes Out at Trump; Delivers Blunt Rebuke Amidst Iran Conflict
ट्रंप पर भड़के ब्राजील के राष्ट्रपति लूला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Lula Slams Trump Foreign Policy: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में छिड़े भीषण युद्ध ने वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस बीच, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति की कड़ी आलोचना करते हुए उन पर जबरदस्त तंज कसा है। साओ पाउलो में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लूला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुनिया में किसी को भी यह सोचने की इजाजत नहीं दी जा सकती कि वह पूरी दुनिया का मालिक है।

क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान जरूरी

राष्ट्रपति लूला ने अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह खुद ईरानी शासन के समर्थक नहीं हैं, लेकिन राष्ट्रों की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना सीखना अनिवार्य है। लूला ने जोर देकर कहा कि हम किसी को भी यह सोचने की अनुमति नहीं दे सकते कि पूरी दुनिया उनकी है । उन्होंने वैश्विक संतुलन बनाए रखने के लिए शक्तिशाली राष्ट्रों के सामने डटकर खड़े होने की आवश्यकता पर बल दिया है।

ट्रंप की 'दबाव वाली नीति' पर उठाए सवाल

ब्राजील के राष्ट्रपति ने ट्रंप प्रशासन पर कई देशों के साथ अनुचित और आक्रामक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से ग्रीनलैंड, पनामा नहर, वेनेजुएला और क्यूबा जैसे मामलों का जिक्र किया। लूला के अनुसार, अमेरिका इन क्षेत्रों में केवल नियंत्रण और दबाव की नीति अपना रहा है। गौरतलब है कि ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की चेतावनी दी है और पनामा नहर के 1977 के समझौते को एक बड़ी 'गलती' बताया है। इसके अलावा, ट्रंप ने हाल ही में वेनेजुएला पर हमला कर वहां के राष्ट्रपति को बंदी बना लिया और क्यूबा को भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।

संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की अपील

बढ़ते वैश्विक तनाव को देखते हुए लूला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के स्थायी सदस्यों से बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद को इन संघर्षों को रोकने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। लूला ने सुझाव दिया कि सभी देशों को एक साथ बैठकर शांतिपूर्ण विदेश नीति को बढ़ावा देने के उपाय खोजने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मजबूत देशों के सामने कोई खड़ा नहीं हुआ तो दुनिया का संतुलन बिगड़ जाएगा।

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ईरान युद्ध और गहराता वैश्विक संकट

बता दें कि 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए अचानक हमले के बाद से युद्ध जारी है। ईरान ने भी इसके जवाब में इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइलें और ड्रोन बरसाए हैं, जिसमें अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। इस युद्ध का सबसे बड़ा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ा है जहां जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। इसके परिणामस्वरूप कई देशों में ईंधन और ऊर्जा आपूर्ति का गंभीर संकट पैदा हो गया है। पाकिस्तान जैसे देश इस संकट से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और वहां कोरोना काल जैसे सख्त नियम लागू करने पड़े हैं।

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