साउथ कोरिया से लश्कर आतंकी गिरफ्तार, पहचान बदलकर रहा था नौकरी, 2008 मुंबई हमले में था शामिल

South Korea: पाकिस्तानी नागरिक को सियोल, दक्षिण कोरिया में गिरफ्तार किया गया, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था। वह 2023 से छिपा हुआ था और आतंकवाद-रोधी कानून व आव्रजन उल्लंघन के आरोपों में पकड़ा गया।
साउथ कोरिया से लश्कर आतंकी गिरफ्तार, पहचान बदलकर रहा था नौकरी, 2008 मुंबई हमले में था शामिल
साउथ कोरिया से लश्कर आतंकी गिरफ्तार (फोटो- सोशल मीडिया)
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Lashkar e Taiba Terrorist arrested In South Korea: पाकिस्तान एक बार फिर आतंकवाद के मुद्दे पर वैश्विक मंच पर बेनकाब हो गया है। ताजा मामला दक्षिण कोरिया से सामने आया है, जहां सियोल के इटावोन जिले में पुलिस ने एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति 2008 के मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य है।

‘कोरिया हेराल्ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह संदिग्ध व्यक्ति पहचान छिपाकर इटावोन के एक लोकल मार्केट में स्टोर में काम कर रहा था। ग्योंगगी नम्बू प्रांतीय पुलिस एजेंसी के मुताबिक, 40 वर्षीय इस शख्स को आतंकवाद-रोधी कानून और आव्रजन अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में 2 अगस्त को गिरफ्तार किया गया।

2023 से साउथ कोरिया में छिपा था आंतकी

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 2020 में पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा जॉइन किया था, जहां उसे हथियारों की ट्रेनिंग दी गई और घुसपैठ की रणनीतियाँ सिखाई गईं। वह संगठन का एक आधिकारिक सदस्य भी बन गया था। सितंबर 2023 में उसने पाकिस्तान स्थित साउथ कोरियाई वाणिज्य दूतावास से वीजा हासिल किया और दिसंबर 2023 में कारोबारी पहचान के साथ साउथ कोरिया में प्रवेश किया। हालांकि उस पाकिस्तानी नागरिक पर दक्षिण कोरिया में किसी आतंकी साजिश को अंजाम देने का आरोप नहीं है, लेकिन उसका लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ाव आतंकवाद-रोधी अधिनियम की धारा 17 का उल्लंघन माना गया है। यह धारा किसी भी आतंकी संगठन से संबंध रखने को अपराध की श्रेणी में रखती है। रिपोर्ट के मुताबिक, संदिग्ध ने इन आरोपों से इनकार किया है।

पहलगाम हमले में लश्कर की भूमिका

अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आंतकी हमले में भी लश्कर‑ए‑तैयबा की सीधी भूमिका था। इसमें 26 मासूम नागरिकों की मौत हुई थी। इस हमले की जिम्मेदारी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली थी। टीआरएफ को लश्कर पोषित समुह माना जाता है। NIA की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, लश्कर, पाकिस्तान सेना और ISI का नेटवर्क सक्रिय था, और इनके ओवरग्राउंड वर्कर्स ने मदद की।

पाकिस्तान से आतंकियों का विशेष प्रशिक्षण और दिशा‑निर्देश प्राप्त हुआ। आगे की जांच में पकड़े गए IDs, ट्रेनिंग वीडियो और पाकिस्तानी CNICs ने सीधा लश्कर का हाथ साबित किया। इस हमले का योजनाकार आंतकी कमांडर फारूक अहमद का स्लीपर सेल नेटवर्क था।

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