

Kyiv Attack Russian Strike: यूक्रेन की राजधानी कीव में रूस द्वारा आधी रात को किए गए भीषण बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद कड़ा तनाव बढ़ गया है। इस अचानक हुए हमले में पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और बच्चों के एक बड़े अस्पताल को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
यूक्रनी रक्षा अधिकारियों के अनुसार इस बड़े हमले के दौरान शहर के कई हिस्सों में लगातार कई भीषण धमाके सुने गए। मिसाइलों के फटने से पूरे शहर में घर दहल गए और चारों तरफ कार अलार्म बजने लगे। मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कड़ा बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
यूक्रेन की वायुसेना ने चेतावनी दी कि हमले के समय रूसी सेना ने भारी मात्रा में बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। वायुसेना के अनुसार रूस के कुर्स्क ओब्लास्ट से कीव की दिशा में अत्यधिक खतरनाक जिरकॉन मिसाइलें भी दागी गईं। इस कड़े और आक्रामक हमले से राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा झटका लगा है।
कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि इस भीषण मिसाइल हमले के बाद कम से कम 14 घायल पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य घायलों का इलाज डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है, जिनमें से कई की हालत नाजुक है।
राजधानी कीव पर यह कड़ा हमला ऐसे समय में हुआ है जब यूक्रेन को पैट्रियट वायु रक्षा प्रणालियों के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी और कड़वी कमी का सामना करना पड़ रहा है। पैट्रियट दुनिया की उन चुनिंदा प्रणालियों में से एक है जो आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को प्रभावी ढंग से नष्ट कर सकती है।
यूक्रेन के पास मौजूद अन्य रक्षा प्रणालियां जैसे सैम्प-टी (SAMP/T) बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में पूरी तरह सक्षम नहीं हैं। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर रूस ने हाल के हफ्तों में राजधानी कीव और अन्य शहरों पर हवाई हमलों की संख्या को काफी अधिक कर दिया है।
इस कड़े संकट के बीच यूक्रेन अब अपनी खुद की स्वदेशी एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल वायु रक्षा प्रणाली विकसित करने का कड़ा प्रयास कर रहा है। यूक्रेन की प्रमुख रक्षा कंपनी फायर पॉइंट, जो अपने एफपी-1 और एफपी-2 ड्रोन तथा फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइलों के लिए प्रसिद्ध है, इस पर कड़ा काम कर रही है।
कंपनी फायर पॉइंट अब 'फ्रेया' नामक एक नई और विशेष वायु रक्षा प्रणाली विकसित कर रही है, जिसे विशेष रूप से आने वाली रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। स्थानीय लोग इस नई स्वदेशी तकनीक से देश की सुरक्षा मजबूत होने की कड़ी उम्मीद कर रहे हैं।