लेबनान में इजरायल का भीषण जमीनी हमला, 100 से ज्यादा हिज्बुल्लाह लड़ाके ढेर; भारी मात्रा में हथियार बरामद

Israel Ground Offensive Lebanon: इजरायल ने दक्षिण लेबनान में बड़ा ग्राउंड ऑपरेशन शुरू किया है। 100 से ज्यादा लड़ाकों के मारे जाने के बीच नेतन्याहू ने कहा है कि लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं होगा।
Israel Launches Massive Ground Offensive in Lebanon; Over 100 Hezbollah Fighters Killed, Large Cache of Weapons Recovered
सांकेतिक फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Israel Ground Offensive Lebanon Hezbollah Clash: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब एक नए और अधिक घातक चरण में प्रवेश कर गया है। इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उन्होंने दक्षिण लेबनान के बिंत जबील इलाके में व्यापक जमीनी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है।

तेल अवीव से जारी बयान के अनुसार, यह ऑपरेशन खास ठिकानों को नष्ट करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इजरायल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

हिज्बुल्लाह को भारी नुकसान

इजरायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी साझा की है। आईडीएफ के मुताबिक, इस जमीनी हमले में अब तक हिज्बुल्लाह के 100 से ज्यादा लड़ाके मारे जा चुके हैं और दर्जनों आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। ऑपरेशन के दौरान विभिन्न इलाकों से सैकड़ों की संख्या में अत्याधुनिक हथियार भी बरामद किए गए हैं। इजरायल की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि वह लेबनान सीमा पर हिज्बुल्लाह की कमर तोड़ने के लिए हवाई हमलों के बाद अब जमीनी ताकत का पूरा इस्तेमाल कर रहा है।

लेबनान में कोई सीजफायर नहीं

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही अस्थायी संघर्ष विराम की चर्चाओं के बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरान का दावा है कि अमेरिका के साथ हुए समझौते में लेबनान भी शामिल था लेकिन नेतन्याहू ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। नेतन्याहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लेबनान में कोई सीजफायर नहीं है और इजरायल हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपनी पूरी ताकत से हमला जारी रखेगा। गौरतलब है कि जिस दिन अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान हुआ था उसी दिन इजरायल ने एक 'सरप्राइज अटैक' किया था, जिसमें एक ही दिन में 254 लोगों की जान चली गई थी।

इजरायली जनता का मूड

युद्ध के बीच इजरायल के भीतर भी जनमत बंटा हुआ नजर आ रहा है। 'हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ यरूशलम' द्वारा कराए गए एक ताजा सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, करीब 66 फीसदी यहूदी इजरायली फिलहाल किसी भी तरह के संघर्ष विराम के पक्ष में नहीं हैं। सर्वे में यह भी सामने आया कि 39 फीसदी लोग चाहते हैं कि इजरायल को ईरान पर सीधे हमले जारी रखने चाहिए, जबकि 41 फीसदी लोग अस्थायी सीजफायर का सम्मान करने के पक्ष में हैं।

बढ़ता क्षेत्रीय तनाव

इजरायल की इस आक्रामक नीति और अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के ऐलान ने पूरे क्षेत्र को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है। अमेरिका का रवैया भी इस मुद्दे पर इजरायल के समान ही रहा है, जिससे कूटनीतिक समाधान की गुंजाइश कम होती दिख रही है। लेबनान को सीजफायर के दायरे से बाहर रखने के इजरायल के फैसले ने ईरान को और अधिक उकसा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में जंग के और भीषण होने की आशंका बढ़ गई है।

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