इजरायल-ईरान जंग के बीच इस्लामाबाद में 'इमरजेंसी' बैठक, क्या मुस्लिम देश मिलकर रोक पाएंगे मिडिल ईस्ट की आग?

US Iran War: ईरान-अमेरिका के बीच जारी भीषण युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों की एक आपात बैठक बुलाई है। 
'Emergency' Meeting in Islamabad Amidst Israel-Iran Conflict: Will Muslim Nations Be Able to Join Forces to Halt the Conflagration in the Middle East?
डोनाल्ड ट्रंप, शहबाज शरीफ और मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Islamabad Muslim Nations Meeting Iran US War: मध्य पूर्व में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़ी भीषण जंग ने पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया है। इस महायुद्ध के बीच पाकिस्तान ने एक बड़ी कूटनीतिक पहल करते हुए इस्लामाबाद में दुनिया के अहम मुस्लिम राष्ट्रों के विदेश मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।

शनिवार को विदेश कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस बैठक में पाकिस्तान के अलावा सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र जैसे प्रभावशाली देश शामिल हो रहे हैं जो पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने के लिए साझा रणनीति तैयार करेंगे।

इस्लामाबाद में मुस्लिम देशों के दिग्गजों का डेरा

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के विशेष निमंत्रण पर सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान और मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअत्ती रविवार और सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं। इस यात्रा के दौरान ये दिग्गज नेता न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा करेंगे बल्कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात करेंगे। पाकिस्तान सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के साथ अपने भाईचारे वाले संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और यह बैठक इन देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करेगी।

बैठक का स्थान बदलने की वजह

दिलचस्प बात यह है कि मुस्लिम देशों की यह महत्वपूर्ण बैठक पहले तुर्की में आयोजित होने वाली थी। हालांकि, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार की अन्य व्यस्तताओं के कारण उन्होंने तुर्की और अन्य सदस्य देशों से बैठक का स्थान बदलकर इस्लामाबाद करने का अनुरोध किया था। डार के इस व्यक्तिगत अनुरोध को स्वीकार करते हुए तीनों देशों के विदेश मंत्री अब पाकिस्तान में जुट रहे हैं। इशाक डार ने विश्वास जताया है कि पाकिस्तान इस विवाद को सुलझाने के लिए 'ईमानदारी और निष्ठा' के साथ काम कर रहा है।

क्या है पाकिस्तान भूमिका?

पाकिस्तान इस समय ईरान और अमेरिका के बीच एक सेतु के रूप में कार्य कर रहा है। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों को पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई है। पाकिस्तान का मानना है कि बात और कूटनीति ही इस संघर्ष को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता है।

प्रवक्ता के अनुसार, पाकिस्तान सभी क्षेत्रीय और वैश्विक हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि युद्ध को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करने के लिए एक अपरिवर्तनीय रास्ता तैयार किया जा सके। हालांकि ईरान के साथ जारी बातचीत बेहद संवेदनशील है, इसलिए पाकिस्तानी अधिकारी फिलहाल सार्वजनिक बयान देने से बच रहे हैं लेकिन इस्लामाबाद में होने वाली यह बैठक शांति की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

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