

Iran US War Trump Warning: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर से बहुत ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। ईरानी सेना ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को चेतावनी दी है कि वे संभावित युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। यह गंभीर स्थिति तब पैदा हुई जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए शांति समझौते को खारिज कर दिया।
ईरानी सेना के उप प्रमुख मोहम्मद जाफर आसदी ने अमेरिकी सरकार पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी प्रशासन किसी भी पुरानी संधि के प्रति ईमानदार नहीं है। ईरानी सेना सतर्क है और हर मुश्किल स्थिति का डटकर सामना करने के लिए तैयार है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ नए समझौते के प्रस्ताव को पूरी तरह से ठुकरा दिया है। ट्रंप का मानना है कि ईरान अनुचित शर्तें रख रहा है जिन्हें अमेरिका कभी स्वीकार नहीं कर सकता है। फ्लोरिडा रवाना होने के समय ट्रंप ने इस विषय पर अपनी बात बहुत स्पष्ट तरीके से सबके सामने रखी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है लेकिन वह उस प्रस्ताव से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह ईरान को किसी भी कीमत पर खतरनाक परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। उनका कहना है कि ऐसा होना पूरी दुनिया और मध्य पूर्व की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा होगा। फ्लोरिडा में ट्रंप ने कहा कि इसी सबसे बड़ी वजह से अमेरिका को ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठाने पड़े। अगर अमेरिका उन्हें समय रहते नहीं रोकता तो इसराइल और यूरोप पूरी तरह से तबाह हो जाते।
ट्रंप ने यह दावा भी किया कि ईरान के साथ युद्ध विराम के बाद सीधा संघर्ष फिलहाल खत्म हो चुका है। हालांकि तनाव की स्थिति अब भी बरकरार है और दोनों देश लगातार एक दूसरे की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
उन्होंने 'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन' को पूरी तरह से संवैधानिक बताते हुए इस महत्वपूर्ण कानून की कड़ी आलोचना की है। यह कानून राष्ट्रपति को बिना कांग्रेस की मंजूरी 60 से 90 दिनों से अधिक समय तक विदेशी संघर्ष में उलझने से रोकता है।