

Deadly Iran US Conflict After US Strikes After Deadly US Strikes: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता अब पूरी तरह से विफल होती नजर आ रही है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बहुत बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने अमेरिकी एयरबेस पर भारी हमला किया है। यह भीषण जवाबी कार्रवाई बंदर अब्बास पोर्ट के पास हुए अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद की गई है। क्षेत्र में अचानक इस बढ़ते तनाव से मध्य पूर्व में युद्ध जैसी भयानक स्थिति फिर से बन गई है।
तसनीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यह जवाबी कार्रवाई स्थानीय समयानुसार सुबह 4:50 बजे की गई है। हालांकि ईरानी सेना ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि अमेरिका के किस एयरबेस को निशाना बनाया गया है। इससे पहले अमेरिका ने रात लगभग 1:30 बजे बंदर अब्बास शहर के पूर्वी हिस्से में एक बड़ा सैन्य हवाई हमला किया था। इस दौरान लगातार तीन बड़े धमाकों की आवाजें वहां के स्थानीय लोगों द्वारा बहुत साफ सुनी गई थीं।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका को सीधे तौर पर एक बेहद सख्त और बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर ऐसे हमले दोबारा हुए तो ईरान और भी ज्यादा घातक प्रतिक्रिया देगा। इसके गंभीर परिणामों के लिए केवल और केवल हमलावर देश ही पूरी तरह से जिम्मेदार होगा।
इस भीषण गोलाबारी और तनाव का असर अब पड़ोसी देशों पर भी बहुत साफ तौर पर दिखने लगा है। बढ़ते खतरे को देखते हुए कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने भी अपना एक आधिकारिक बयान जारी किया है। कुवैत अपनी एयरस्पेस की ओर दागे जा रहे यूएवी (UAVs) और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर रहा है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि उनकी सेना ने रात भर ईरान के अंदर नए सैन्य हमले किए हैं। इन हमलों में ऐसे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया जो अमेरिकी सेना के लिए बड़ा खतरा थे। यह भी कहा गया कि ये ठिकाने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल समुद्री आवाजाही के लिए बहुत खतरनाक थे।
अमेरिका ने इन सैन्य हमलों को आत्मरक्षा में उठाया गया एक बहुत ही जरूरी कदम बताया है। डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता इस ताजा तनाव के बाद लगभग खत्म हो गई है। इस घटनाक्रम ने पूरी दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं और वैश्विक बाजार में भी भारी हलचल है।