होर्मुज जलडमरूमध्य (सोर्स-सोशल मीडिया ) 
विदेश

ईरान के लिए Strait of Hormuz एक परमाणु बम की तरह… पूर्व अमेरिकी जनरल क्लार्क की बड़ी चेतावनी

Strait of Hormuz: पूर्व अमेरिकी जनरल वेस्ले क्लार्क ने सख्त चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के लिए एकदम परमाणु बम जैसा है। अगर अमेरिका इसे बलपूर्वक खोलता है, तो यह बहुत महंगा युद्ध होगा।

प्रिया सिंह

US Iran Military Conflict: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच बातचीत का दौर शुरू हो गया है, लेकिन होर्मुज का मुद्दा अभी भी बहुत गर्म है। पूर्व अमेरिकी जनरल और नाटो कमांडर वेस्ले क्लार्क ने कहा है कि Strait of Hormuz ईरान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिका के लिए इस समुद्री रास्ते को बलपूर्वक खोलना बिल्कुल भी आसान नहीं होगा। क्लार्क के अनुसार ईरान इस जलमार्ग का उपयोग बातचीत में अपने फायदे के लिए एक बड़े हथियार के रूप में कर रहा है।

महंगी साबित होगी लड़ाई

सीएनएन से बात करते हुए क्लार्क ने बताया कि अमेरिका द्वारा सैन्य प्रयोग एक बेहद महंगा अभियान होगा। उनका कहना है कि इस रास्ते को खोलने के लिए अमेरिका को एक लंबी और बहुत खर्चीली लड़ाई लड़नी पड़ेगी। यह स्थिति 1980 के दशक के टैंकर युद्ध से बिल्कुल अलग है क्योंकि अब ईरान पूरी तरह से तैयार है।

होर्मुज में बड़े खतरे

क्लार्क ने Strait of Hormuz में ईरानी चुनौती को बताते हुए इसे तेहरान के लिए सीधे एक परमाणु हथियार करार दिया। इस जलमार्ग में अमेरिकी नौसेना के लिए समुद्री बारूदी सुरंगें, तेज रफ्तार बोट्स और खतरनाक मिसाइलों का बड़ा खतरा है। इसके अलावा आधुनिक दौर के ड्रोन्स भी ईरान को इस संकरे और महत्वपूर्ण इलाके में बहुत ज्यादा मजबूती प्रदान करते हैं।

अमेरिका का सुरक्षित रुख

क्लार्क ने जोर देकर कहा कि मौजूदा ट्रंप प्रशासन जमीनी स्तर पर अपने सैनिक भेजने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है। अमेरिका अपने युद्धपोतों को ईरानी मिसाइलों की जद में लाने से भी पूरी तरह से बचना चाहता है। फिलहाल अमेरिका ने ओमान से लेकर पाकिस्तान-ईरान सीमा तक नाकेबंदी की हुई है जो कि एक आसान उपाय है।

किलेबंद समुद्री रास्ता

ईरान दशकों से Strait of Hormuz को एक मजबूत किलेबंद संरचना की तरह विकसित करने का काम लगातार कर रहा है। ईरानी सेना वहां मौजूद पहाड़ियों से छिपकर इस पूरे संकरे रास्ते पर हर पल रियल टाइम नजर रख सकती है। उनके पास चीनी तकनीक भी मौजूद है जो उनकी सैन्य क्षमता को भविष्य के लिए और भी ज्यादा खतरनाक बनाती है।

खोलना लगभग असंभव

अगर अमेरिका लड़कर इस रास्ते को खोल भी लेता है, तब भी इसे सुरक्षित रखना एक बहुत बड़ी चुनौती होगी। 28 फरवरी के बाद ईरान ने केवल दो या तीन जहाजों पर हमला किया था, जिसके बाद बाकी सब सहमत हो गए। इस मार्ग की सच्चाई यही है कि जब तक ईरान खुद नहीं चाहता, इसे पूरी तरह से सुरक्षित रखना लगभग असंभव है।

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