होर्मुज खोलने पर माना ईरान, पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को भेजा नया प्रस्ताव, अब बस ट्रंप के जवाब का इंतजार

US-Iran War: ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को शांति प्रस्ताव भेजा है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और युद्धविराम की पेशकश है। हालांकि, तेहरान फिलहाल परमाणु मुद्दे पर बातचीत टालना चाहता है।
Iran Send New Peace Proposal to US
ईरान ने अमेरिका को नया शांति प्रस्ताव भेजा (कांसेप्ट फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया)
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Iran Send New Peace Proposal to US: ईरान ने अमेरिका के सामने एक अहम कूटनीतिक प्रस्ताव रखा है, जिसमें क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सुझाए गए हैं। इस प्रस्ताव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और जारी संघर्ष को समाप्त करने की पेशकश शामिल है। हालांकि, तेहरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को फिलहाल टालना चाहता है और इसे बाद के चरण के लिए रखा जाए।

Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के साथ एक संभावित डील का खाका पेश किया है। इस डील के तहत युद्धविराम और समुद्री मार्गों को सामान्य करने पर प्राथमिक सहमति बनाने की बात कही गई है। रिपोर्ट में एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी और मामले से जुड़े दो अन्य सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई है।

पाकिस्तान के जरिए वाशिंगटन भेजा प्रस्ताव

बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव सीधे तौर पर नहीं, बल्कि पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय स्तर पर मध्यस्थता के प्रयास जारी हैं। हालांकि, सूत्रों के अनुसार ईरान के भीतर भी इस बात पर पूरी सहमति नहीं है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर कितनी रियायत देने को तैयार है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और युद्धविराम पर सहमति बन जाती है, तो इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास ईरान पर परमाणु समझौते को लेकर दबाव बनाने के विकल्प सीमित हो सकते हैं। यानी यह प्रस्ताव रणनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ट्रंप ने दिया सीधे संवाद का ऑफर

इस बीच खबर है कि इस पूरे मामले पर ट्रंप प्रशासन व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में एक अहम बैठक करने जा रहा है। इस बैठक में यह तय किया जा सकता है कि अमेरिका इस प्रस्ताव को स्वीकार करेगा या नहीं। फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है, लेकिन इस पहल को कूटनीतिक समाधान की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

इससे पहले ट्रंप ने संकेत दिया था कि अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संवाद की संभावना बनी हुई है। उन्होंने कहा था कि यदि ईरान बातचीत करना चाहता है, तो वह सीधे संपर्क कर सकता है, यहां तक कि फोन पर भी चर्चा संभव है।

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