ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर दागीं मिसाइलें, शांति वार्ता के बीच भड़का तनाव; हाई अलर्ट पर US सेना

US Base Ballistic Missile Attack: जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य बेस पर ईरान के हमले से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। ट्रंप के शांति प्रयासों के बीच दागी गईं मिसाइलों को अमेरिकी सेना ने मार गिराया।
Tensions flare amidst peace talks; Iran fires missiles at US base in Jordan; US military on high alert.
ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य बेस पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, सांकेतिक AI Photo
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Iran US Base Ballistic Missile Attack In Jordan: मिडिल ईस्ट में शांति बहाली की कोशिशों को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब ईरान ने मंगलवार शाम जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के साथ कूटनीतिक बातचीत का रास्ता खोलने के लिए सैन्य अभियानों पर अस्थायी रोक लगा रखी थी।

अचानक हुआ हमला

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार शाम करीब 5:45 बजे (ईस्टर्न टाइम) जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर मिसाइल हमला किया। हालांकि, अमेरिकी रक्षा प्रणाली की सतर्कता के चलते सभी मिसाइलों को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया।

राहत की बात यह रही कि इस अचानक हुई गोलाबारी में किसी भी सैनिक के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है। अमेरिकी सेना ने बताया कि उनके बल इस समय उच्चतम स्तर की सतर्कता बरत रहे हैं और किसी भी जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

https://twitter.com/CENTCOM/status/2082231500318114110

नेतन्याहू से मुलाकात के तुरंत बाद बढ़ा तनाव

चौंकाने वाली बात यह है कि ईरान का यह एक्शन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच व्हाइट हाउस में हुई उच्च स्तरीय बैठक के कुछ ही घंटों बाद देखने को मिला। उस बैठक में दोनों नेताओं ने ईरान की बढ़ती गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की थी।

विडंबना यह भी है कि महज एक दिन पहले ही ट्रंप ने तेहरान के साथ बातचीत को सकारात्मक बताते हुए एक बड़े समझौते की उम्मीद जताई थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट चेतावनी भी दी थी कि यदि कूटनीति विफल रही, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

जॉर्डन में पहले भी हुए हैं हमले

जॉर्डन का यह वही इलाका है जहां इस महीने की शुरुआत में ईरान समर्थित गुटों के हमले में दो अमेरिकी जांबाज शहीद हो गए थे। उस घटना के प्रतिशोध में ट्रंप प्रशासन ने ईरान से जुड़े ठिकानों पर लगातार 13 रातों तक भारी बमबारी की थी। हमले के बाद अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या कूटनीति का दौर खत्म होकर फिर से युद्ध की स्थिति बन सकती है।

लाल सागर में हूतियों का तांडव

एक तरफ जहां जॉर्डन में मिसाइलें गिरीं, वहीं दूसरी ओर यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में कोहराम मचाया हुआ है। हूतियों ने एक सऊदी तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल दागने का दावा किया है। संगठन के प्रवक्ता याह्या सरी ने इसे सऊदी अरब के खिलाफ घोषित समुद्री नाकेबंदी का हिस्सा बताया। इसी बीच, ब्रिटिश एजेंसी UKMTO ने भी लाल सागर में एक धमाके की पुष्टि की है, हालांकि वहां भी फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

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