

Iran Missile Attack Jordan UAE Qatar: पश्चिम एशिया में तनाव अब चरम पर पहुंच गया है और युद्ध की आग पूरे क्षेत्र में फैलती नजर आ रही है। रविवार सुबह ईरान ने अमेरिका के साथ जारी संघर्ष में एक बड़ा कदम उठाते हुए खाड़ी के प्रमुख देशों संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, बहरीन और जॉर्डन पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में हड़कंप मच गया है और कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिए हैं।
कतर की राजधानी दोहा में रविवार सुबह तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे वहां रहने वाले लोग दहशत में आ गए। कतर के आंतरिक मंत्रालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे देश के नागरिकों के मोबाइल फोन पर एक आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट भेजा है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा खतरे का स्तर वर्तमान में बहुत अधिक है, इसलिए सभी नागरिक और प्रवासी अपने घरों या सुरक्षित स्थानों के भीतर ही रहें। वहीं, बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी अपने क्षेत्रों में 'एयर रेड सायरन' चालू कर दिए हैं और लोगों से शांत रहते हुए नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
ईरान की ओर से दागी गईं मिसाइलों को रोकने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपनी पूरी सैन्य ताकत झोंक दी है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के विभिन्न हिस्सों में ईरान की ओर से दागी गईं बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और आक्रामक ड्रोनों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया है। मंत्रालय ने बताया कि शहर में सुनी गई धमाकों की आवाजें वास्तव में ईरानी मिसाइलों को मार गिराने की कार्रवाई का परिणाम थीं।
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ईरान की यह कार्रवाई उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन और उनके जनाजे की रस्मों के तुरंत बाद शुरू हुई है। ईरान के मौजूदा सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वे अमेरिका द्वारा किए गए हमलों का 'खून का बदला' लेंगे। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी पहले ही चेतावनी दी थी कि वे अपनी जमीन पर हुए किसी भी हमले का पूरी ताकत से जवाब देंगे।
ईरान का यह पलटवार दरअसल अमेरिका द्वारा ईरानी शहरों बुशहर, बंदर अब्बास, सिरिक और चाबहार पर की गई बमबारी के जवाब में है। तनाव का मुख्य केंद्र 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुजट' है, जिसे रविवार से IRGC ने बंद कर दिया है।
विवाद तब और गहरा गया जब ईरान ने साइप्रस के झंडे वाले जहाज 'M/V GFS Galaxy' पर हमला किया, जिसके बाद अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी थी। फिलहाल पूरा खाड़ी क्षेत्र एक बड़े युद्ध की ओर बढ़ता दिख रहा है, जहां शांति की संभावनाएं काफी कम नजर आ रही हैं।