ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने जयशंकर को किया फोन; होर्मुज संकट और सीजफायर पर हुई गहन चर्चा

Araghchi Call Jaishankar: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने एस जयशंकर से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विचार साझा किए।
Foreign Minister Araghchi Calls Jaishankar; In-depth Discussion Held on Hormuz Crisis and Ceasefire
अराघची ने जयशंकर फोन पर बात की, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran Foreign Minister Araghchi Call Jaishankar: दुनिया भर में बढ़ते कूटनीतिक तनाव के बीच ईरान ने भारत के साथ अपने संबंधों को और सक्रिय कर दिया है। बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को फोन कर क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत चर्चा की। इस बातचीत को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर मिडिल ईस्ट में जारी अस्थिरता के मद्देनजर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर मंथन

सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच बातचीत का मुख्य केंद्र 'होर्मुज स्ट्रेट' रहा। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार के लिए जीवन रेखा माना जाता है। होर्मुज में किसी भी प्रकार की अस्थिरता सीधे तौर पर भारत के आर्थिक हितों और ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है। अराघची ने इस मार्ग की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर डॉ. जयशंकर को ईरान के रुख से अवगत कराया。

सीजफायर और क्षेत्रीय शांति

ईरानी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, अराघची और जयशंकर ने क्षेत्र में चल रहे संघर्षों और सीजफायर (युद्धविराम) से संबंधित नए घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्थितियों और द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और भविष्य में भी एक-दूसरे के निकट संपर्क में रहने पर सहमति जताई।

जयशंकर ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस संवाद की पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि आज शाम ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। हमने मौजूदा हालात के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। हम एक-दूसरे के साथ लगातार संपर्क में रहने पर सहमत हुए हैं।

भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान द्वारा भारत के साथ इस तरह का संवाद स्थापित करना वैश्विक कूटनीति में भारत की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है। होर्मुज स्ट्रेट में स्थिरता सुनिश्चित करना भारत के लिए प्राथमिकता है, और ईरान का भारत से संपर्क करना क्षेत्रीय शांति बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के संबंधों में भारी तनाव देखा जा रहा है।

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