

Iran Hits US FA-18 Fighter Jet: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच टकराव लगातार गहराता नजर आ रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी F/A-18 लड़ाकू विमान को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, चाबहार के पास तैनात उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने इस फाइटर जेट को मार गिराया।
IRGC की ओर से बताया गया कि हमले के बाद अमेरिकी लड़ाकू विमान हिंद महासागर में क्रैश हो गया। ईरान ने इस घटना का वीडियो सबूत के तौर पर जारी करने का भी दावा किया है, जिससे उसकी बात को और मजबूत दिखाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, अमेरिका ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेना के संयुक्त राज्य अमेरिका मध्य कमान (CENTCOM) का कहना है कि उनका कोई भी लड़ाकू विमान न तो गिराया गया है और न ही किसी तरह का नुकसान हुआ है। इस तरह दोनों देशों के बीच दावों और खंडनों की स्थिति बनी हुई है, जिससे सच्चाई को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
इसी बीच, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने एक और कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध खुफिया जानकारी के अनुसार ईरान के दुश्मन, किसी क्षेत्रीय देश के समर्थन से, उसके एक द्वीप पर कब्जा करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं और यदि किसी ने सीमा पार करने की कोशिश की, तो उस देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बिना किसी हिचकिचाहट के निशाना बनाया जाएगा।
इसके अलावा, ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया है। ईरान का कहना है कि यह एक “शक्तिशाली और सटीक” हमला था।
साथ ही उसने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर यह युद्धपोत भविष्य में ईरान की सीमा के करीब आता है, तो और भी बड़े हमले किए जाएंगे। दूसरी तरफ अमेरिका ने इस दावे को भी पूरी तरह नकार दिया है। CENTCOM के अनुसार न तो किसी विमान को नुकसान पहुंचा है और न ही किसी युद्धपोत पर हमला हुआ है।