वादा तोड़ ईरान ने फिर दुबई पर किया ड्रोन हमला, मरीना में एक टावर के पास दिखा धुआं, लोगों में दहशत

Dubai Drone Strike: ईरानी राष्ट्रपति द्वारा शांति के वादे के महज 12 घंटों के भीतर ईरान ने दुबई पर फिर ड्रोन हमला किया, जिसके मलबे से मरीना में एक टावर को मामूली नुकसान पहुंचा है और अफरा-तफरी मच गई है।
Iran Breaks Peace Promise: New Drone Attack on Dubai Marina Causes Panic
ईरान का दुबई पर फिर से ड्रोन हमला (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Iran Broken Peace Promise Attack On Dubai: मध्य पूर्व में जारी भीषण तनाव के बीच ईरान ने शांति के अपने वादे को तोड़ते हुए एक बार फिर दुबई को अपना निशाना बनाया है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने महज कुछ घंटे पहले ही पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए भविष्य में हमला न करने की बात कही थी। इस ताजा ड्रोन हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की विश्वसनीयता और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दुबई की वायु रक्षा प्रणाली ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस खतरे को टाल दिया, जिससे वहां एक बहुत बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गया।

ईरान का वादा और अचानक विश्वासघात

ईरानी राष्ट्रपति ने शनिवार को ही पड़ोसी देशों से पुरानी गलतियों के लिए माफी मांगकर क्षेत्र में शांति बनाए रखने का भरोसा दिया था। लेकिन इस आधिकारिक घोषणा के मात्र 12 घंटों के भीतर ही ईरान ने दुबई की तरफ विनाशकारी ड्रोन भेजकर अपना वादा पूरी तरह तोड़ दिया। यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाती है कि ईरान का राजनीतिक नेतृत्व और उसकी सैन्य कार्रवाइयां शायद दो अलग-अलग दिशाओं में काम कर रही हैं।

दुबई मरीना में मलबे से उपजा आतंक

दुबई सरकार ने पुष्टि की है कि उनकी सक्रिय वायु रक्षा प्रणालियों ने ईरानी ड्रोन को सफलतापूर्वक हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया था। हालांकि, नष्ट हुए ड्रोन का जलता हुआ मलबा दुबई के मशहूर मरीना इलाके में स्थित एक गगनचुंबी टावर के सामने आकर गिर गया। वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने टावर के पास से काला धुआं उठता देखा, जिससे कुछ समय के लिए पूरे रिहायशी इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।

सुरक्षा स्थिति और नुकसान का विवरण

दुबई के आधिकारिक मीडिया हैंडल ने जानकारी दी कि इस अचानक हुई घटना में किसी भी व्यक्ति के घायल होने की कोई खबर नहीं है। ड्रोन गिरने से मरीना टावर के बाहरी हिस्से को बहुत मामूली क्षति पहुंची है, लेकिन प्रशासन ने पूरी स्थिति को तुरंत अपनी निगरानी में ले लिया। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उनकी हवाई सुरक्षा टीमें किसी भी ईरानी खतरे का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

राष्ट्रपति की शर्त और युद्ध का साया

राष्ट्रपति पेजेशकियान ने अपनी शांति की अपील के साथ यह शर्त भी रखी थी कि वे किसी पड़ोसी देश पर पहले हमला नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया था कि जवाबी कार्रवाई तभी होगी जब किसी पड़ोसी देश की जमीन का उपयोग ईरान के खिलाफ हमले के लिए किया जाएगा। लेकिन दुबई पर हुए इस ताजा हमले ने यह साबित कर दिया है कि पूरे मध्य पूर्व में युद्ध की आग अभी शांत नहीं हुई है।

ईरान और इजराइल के बीच छिड़ी जंग

वर्तमान में ईरान और इजराइल एक-दूसरे के महत्वपूर्ण तेल ठिकानों और रणनीतिक ठिकानों को अपना मुख्य निशाना बनाकर भीषण हमले कर रहे हैं। इसी तनाव के बीच अमेरिका और इजराइल की सेनाओं ने ईरान के परमाणु शहर इस्फहान पर भी काफी तेज बमबारी की खबर दी है। पूरे क्षेत्र में मिसाइलों और ड्रोन हमलों की गूंज लगातार बढ़ रही है, जिससे अन्य देशों को भी युद्ध की चपेट में आने का डर है।

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