

तेल अवीव: गाजा और लेबनान पर इजरायल का जवाबी कार्रवाई जारी है। इसे देखते हुए ईरान ने इजरायल पर हमला शुरू कर दिया। बीते दिन ईरान पर भी इजरायल हामला किया तो इसके बाद ईरानी सेना के सुर बदले हुए लगे। एक ताजा बयान में ईरान की सेना ने इजरायल को संघर्षविराम का सुझाव दिया।
ईरान की सेना ने शनिवार रात एक बयान जारी किया जिसमें गाजा पट्टी और लेबनान में संघर्षविराम का सुझाव दिया गया। इस संबंध में ईरानी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उसे इजराइल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार है।
हालांकि ईरान के बयान से ऐसे संकेत मिलते हैं कि तेहरान शनिवार तड़के हुए इजराइल के हमले के बाद तनाव को और बढ़ने से रोकने का रास्ता तलाशने की कोशिश कर रहा है। ईरान की सेना ने कहा कि इजराइल ने हमलों में इराकी हवाई क्षेत्र से तथाकथित स्टैंड-ऑफ मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
इजरायली हमले में ईरानी सैन्य राडार स्थल क्षतिग्रस्त हुए
ईरान के तीन प्रांतों में लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए ये हथियार बहुत हल्के थे। बयान में कहा गया कि ईरानी सैन्य राडार स्थल क्षतिग्रस्त हुए हैं। लेकिन कुछ की मरम्मत पहले से ही जारी थी। वहीं इजरायल ने कहा कि उसने देश में मिसाइल निर्माण संयंत्रों और अन्य स्थलों को निशाना बनाकर हमले किए। उसने कहा कि ईरान में हमले करने के बाद उसके विमान सुरक्षित स्वदेश लौट आए हैं।
बता दें कि इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की शुरुआत हो गई है।1 अक्टूबर के बाद से ईरान लगातार इजरायल पर हमला कर रहा है। जिसके बाद इजरायल आज जवाबी कार्रवाई किया। इजरायल ने ईरान के हमले का बदला लेते हुए करीब 26 दिनों बाद ईरान पर हवाई हमला किया है। हमले की पुष्टि करते हुए इजरायली सेना ने शनिवार 26 अक्टूबर की सुबह ईरान में सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए।