ईरान में आसमान से सीधे सब्जी मंडी में गिरा आर्मी का हेलीकॉप्टर, पायलट समेत 4 की मौत, सामने आया खौफनाक VIDEO

US- Iran Military Tension: ईरान के इस्फहान प्रांत में ट्रेनिंग उड़ान पर हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ, जिसमें पायलट, को-पायलट और मार्केट के दो आम लोगों की मौत। क्रैश कारण अभी स्पष्ट नहीं।
Iran Helicopter Crash
ईरान में सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Iran Helicopter Crash: मंगलवार सुबह ईरान के इस्फहान प्रांत के दोरचेह इलाके में ईरानी आर्मी का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना खोमैनी शहर के दोरचेह इलाके में लोकल होलसेल फल और सब्जी मार्केट के कंपाउंड में हुई। हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग उड़ान पर था। हादसे में पायलट और को-पायलट के साथ-साथ मार्केट में मौजूद दो आम लोगों की भी मौत हुई। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि क्रैश के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। दुर्घटना के बाद आग लगी, जिसे इमरजेंसी सर्विस ने बुझा दिया। ईरान में बीते एक हफ्ते में दूसरी बड़ी विमान दुर्घटना है। इससे पहले शुक्रवार को भी प्रशिक्षण के दौरान एक फाइटर जेट क्रैश हो गया था। जिसमें पायलट की मौत हो गई थी।

ईरान में क्यों हो रहे विमान हादसे?

विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान की हवाई सुरक्षा का रिकॉर्ड कमजोर है। पुराने विमानों में, जिनमें कई 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले खरीदे गए थे, ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण मेंटेनेंस मुश्किल है और दुर्घटनाएं अक्सर होती हैं। यह हालिया दुर्घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले की धमकियों के बीच ईरानी मिलिट्री उच्च सतर्कता पर है। विशेषज्ञ इसे हवाई सुरक्षा और सैन्य तनाव दोनों का परिणाम मानते हैं।

प्रशिक्षण के दौरान क्रैश हुआ था जेट

पिछले सप्ताह भी ईरान की रेगुलर एयर फोर्स का एक US-बिल्ट F-4 फाइटर प्लेन पश्चिमी हमादान प्रांत में क्रैश हुआ था, जिसमें एक पायलट की ट्रेनिंग फ्लाइट के दौरान मौत हो गई थी। अमेरिका की लगातार धमकियों और युद्ध की आशंकाओं के बीच ईरान ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है और सेना लगातार युद्धाभ्यास कर रही है।

ईरान से युद्ध नहीं चाहता अमेरिका

इस समय ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि यदि जिनेवा में परमाणु वार्ता असफल होती है, तो वे ईरान पर सैन्य कार्रवाई का आदेश दे सकते हैं। इसी तहत उन्होंने अमेरिकी नौसेना के दो बड़े युद्धपोत तैनात किए हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध नहीं चाहता। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य दबाव की स्थिति बढ़ी हुई है।

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