

Iran AI Video US Navy: पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव अब एक नए और खतरनाक डिजिटल युद्ध के रूप में सामने आ रहा है। 9 फरवरी 2026 को ईरान की ओर से जारी किए गए एक एआई (AI) जनरेटेड वीडियो ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। इस वीडियो में ईरान ने प्रतीकात्मक रूप से यह दिखाने की कोशिश की है कि यदि अमेरिका के साथ युद्ध होता है तो वह किस तरह अमेरिकी नौसेना के गौरव कहे जाने वाले युद्धपोतों को तबाह कर सकता है।
दो मिनट से अधिक लंबे इस वीडियो की शुरुआत में दिखाया गया है कि ईरानी ड्रोन का एक बड़ा समूह समुद्र के ऊपर से तेजी से अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर 'अब्राहम लिंकन' की ओर बढ़ता है। इसके तुरंत बाद कई मिसाइलें दागी जाती हैं जो अमेरिकी जहाजों के डेक और रणनीतिक हिस्सों से टकराती हैं। वीडियो में दिखाया गया है कि हमले के वक्त अमेरिकी नौसैनिकों के बीच भारी अफरा-तफरी मची हुई है। नौसैनिक वॉकी-टॉकी पर घबराहट में संदेश भेजते और हमले के बाद अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं।
ईरान ने इस वीडियो में केवल जहाजों को डूबते ही नहीं दिखाया बल्कि मनोवैज्ञानिक युद्ध को एक कदम आगे ले जाते हुए अमेरिकी सैनिकों को बंदी बनाए जाने का दृश्य भी पेश किया है। वीडियो के अंत में ईरानी नौसैनिक जहाज अमेरिकी युद्धपोतों को चारों तरफ से घेर लेते हैं और सबमरीन की मदद से जहाज पर आग लगा दी जाती है। इसके बाद अमेरिकी सैनिकों को ईरानी बलों द्वारा हिरासत में लेते हुए दिखाया गया है जो अमेरिका के लिए एक कड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब दोनों देश परमाणु समझौते पर बातचीत की मेज पर हैं। 6 फरवरी को ओमान में पहले दौर की वार्ता हुई थी जो बेनतीजा रही। हालांकि अमेरिका दूसरे दौर की बातचीत का इच्छुक है लेकिन ईरान का यह वीडियो दिखाता है कि वह कूटनीति के साथ-साथ सैन्य दबाव की रणनीति पर भी काम कर रहा है।
ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उस पर हमला हुआ तो वह खाड़ी क्षेत्र में स्थित सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा जिससे पूरे क्षेत्र में भीषण युद्ध छिड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह एआई वीडियो केवल एक तकनीक का प्रदर्शन नहीं है बल्कि अमेरिका को यह बताने की कोशिश है कि ईरान की जवाबी कार्रवाई कितनी विनाशकारी हो सकती है।