रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत की प्रतिक्रिया- आम लोगों को निशाना बनाना ठीक नहीं, 'शांति वार्ता' का दिया सुझाव

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नई दिल्ली. जहां बीते सोमवार की सुबह से रूस (Russia) ने यूक्रेन (Ukraine) के कई शहरों में भयंकर मिसाइल हमले (Missile Attack) शुरू कर दिए हैं। वहीं इस युद्ध के शुरू होने के बाद से पहली बार यूक्रेन की राजधानी कीएव के सेंटर में लंबी दूरी वाली मिसाइलों से हमले हो रहे हैं। इसके चलते यूक्रेन के ल्वोव, तर्नोपिल, इवानो-फ्रैंकिव्स्क, झाइतोमिर, नीप्रो, खारकीएव, कोनोटॉप, ओडेस्सा और क्रेमेनचुग जैसे शहरों से बस बम धमाकों की ही आवाज़ें सुनी जा रही हैं।

इस बाबत यूक्रेन (Ukraine) के गृह मंत्रालय के सलाहकार रोस्तिस्लाव स्मिरनोव ने बताया था कि,  कीव में हुए हमले में कम से कम 8 लोगों की मौत हो हुई थी  और 24 अन्य लोग घायल हो गए थे। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने यूक्रेनवासियों से मजबूती से डटे रहने की अपील भी की थी।

भारत ने अपना पक्ष किया साफ

इधर  रूस की ओर यूक्रेन पर किए गए मिसाइल अटैक को लेकर अब भारत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस बाबत भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर यूक्रेन पर रूसी मिसाइल अटैक को लेकर कहा कि, दुनिया के किसी भी कोने में इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना और आम नागरिकों की मौत का कारण बनाना कभी भी स्वीकार करने योग्य नहीं है। 

साथ ही एस जयशंकर ने यह भी कहा कि, इस संघर्ष से अब किसी का भी भला नहीं होता दिख रहा है। उन्होंने आगे कहा कि, यह भयंकर संघर्ष दुनिया के एक बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचा रहा है, क्योंकि इसकी वजह से लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर बहुत ही गलत तरह से असर पड़ रहा है। विदेश मंत्री ने एक बार फिर कहा कि रूस और यूक्रेन विवाद को सुलझाने के लिए कूटनीतिक और वार्ता के रास्ते पर जल्द ही वापस लौटना होगा। साथ ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आगे कहा कि,  लंबे समय से रूस और भारत के संबंध रहे हैं, जिनसे दोनों देशों को लाभ भी हुआ है। आशा है कि, जंग रोकने की इस बात पर दोनों देश भी सोचेंगे।

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