

Indian Sailor Death Updates: पश्चिम एशिया में तनाव और अमेरिकी नाकेबंदी के बीच बेहद दुखद खबर आई है। ओमान के डुक्म पोर्ट के पास खड़े एमटी सेलेस्टियल जहाज पर 35 वर्षीय भारतीय नाविक निशांत की मौत हो गई है। तमिलनाडु निवासी निशांत जहाज पर सेकंड ऑफिसर थे और 11 जून को गंभीर बीमारी के चलते उनका निधन हुआ। शव को सुरक्षित रखने के लिए जहाज पर बर्फ या फ्रीजर जैसी कोई भी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है।
सुविधा न होने पर क्रू मेंबर पिछले दो दिनों से शव को ठंडे पानी की बोतलों के सहारे बचा रहे हैं। इस भयानक स्थिति को देखते हुए जहाज के कैप्टन ने एक मार्मिक वीडियो जारी करके तत्काल मदद की गुहार लगाई है। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने मामले का संज्ञान लिया है और शव को जल्द भारत लाने का प्रयास कर रहा है। दूतावास जहाज का प्रबंधन करने वाली कंपनी और संबंधित पक्षों के साथ लगातार अपना तालमेल बैठाने में जुटा है।
ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट के आसपास का समुद्री इलाका पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल में नेवी को इस समुद्री इलाके को पूरी तरह ब्लॉक करने का आदेश दिया था। इस सख्त नाकेबंदी के कारण ओमान तट और होर्मुज के पास कई व्यापारिक जहाज महीनों से बुरी तरह फंसे हुए हैं।
इस संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत वे समुद्री नाविक चुका रहे हैं जिनका इस युद्ध से सीधा लेना-देना नहीं है। इस क्षेत्र में लगभग 20,000 से 23,000 समुद्री कर्मी लंबे समय से प्रभावित हैं जिनमें बड़ी संख्या भारतीयों की है। फंसे हुए इन जहाजों पर सवार लोग हर दिन बहुत ही मुश्किल परिस्थितियों और भयानक मौत के साये में जी रहे हैं।
होर्मुज और ओमान तट के आसपास के इस अमेरिकी ब्लॉकेड ने दुनिया के सामने एक बहुत गंभीर मानवीय संकट खड़ा कर दिया है। अमेरिकी नेवी ने तो इस हफ्ते 3 भारतीय जहाजों को भी सीधे तौर पर अपना निशाना बनाया है। इन खतरनाक और जानलेवा हमलों में अब तक कुल 3 भारतीय नाविकों की दुखद जान जा चुकी है।