

PoK Protest Update: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सरकार के खिलाफ जबरदस्त विरोध‑प्रदर्शन हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि सरकार उन्हें जानबूझकर राजनीति और मौलिक अधिकारों से दूर रख रही है। इसके चलते पिछले कई दिनों से पीओके के कई इलाकों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच भारत ने पाकिस्तानी सरकार और सेना पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सेना हालात काबू में करने के बजाय आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने पीओके में हो रहे विरोध और आम लोगों पर पाकिस्तानी सेना की क्रूरता की खबरें देखीं हैं। ये सब पाकिस्तान की दमनकारी नीतियों और जबरन कब्जा किए गए इलाकों से संसाधनों की लूट का नतीजा है। उन्होंने कहा पाकिस्तान को इन भयानक मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
पीओके में सरकार‑विरोधी प्रदर्शन प्रदर्शनकारी अवामी एक्शन कमेटी (AAC) के नेतृत्व में हो रहे हैं। कमेटी का कहना है कि जनता सरकार से नाराज़ है क्योंकि पीओके में मिलने वाले संसाधनों (बिजली, पानी आदि) का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा। शहबाज शरीफ की सरकार ने उनकी जरूरतों और मांगों को नजरअंदाज किया है। AAC ने 38 माँगें रखी थीं, लेकिन सरकार ने उन्हें मानने से इनकार कर दिया।
भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने पीओके के लोगों के साथ बहुत अन्याय किया है और वहाँ के हालात उसकी गलत नीतियों का नतीजा हैं। वहीं पीओके के लोग अब खुलकर अपने हक़ की माँग कर रहे हैं और पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
एक तरफ प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और नारे लगा रहे हैं, “हुक्मरानों देख लो, हम तुम्हारी मौत हैं”, “इंकलाब आएगा”, “कश्मीर हमारा है”। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी सरकार और सेना आंदोलन को कुचलने के लिए दमनकारी नीतियों का सहारा ले रही है। सोमवार को पाकिस्तानी रेंजर्स ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलीबारी की। इसमें कम से कम 12 लोगों के मारे जाने की खबरें हैं। इससे घाटी में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।