

Imran Khan Sisters Arrest Pakistan: पाकिस्तान में महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले प्रमुख संगठन औरत मार्च ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के परिजनों की गिरफ्तारी पर सख्त ऐतराज जताया है। पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार PTI के विरोध प्रदर्शन से पहले इमरान खान की बहनों अलीमा खान, उज्मा खान और नोरिन नियाजी को हिरासत में लिया गया।
लाहौर के डिप्टी कमिश्नर द्वारा 30 दिन के हिरासत आदेश जारी किए जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। औरत मार्च ने मंगलवार को बयान जारी कर इमरान खान की बहनों, भांजियों, भांजों और बच्चों को हिरासत में लेने को असंवैधानिक व अमानवीय करार दिया।
औरत मार्च ने PTI समर्थकों को इस्लामाबाद की सड़कों पर शांतिपूर्ण मार्च करने से रोकने की सरकारी कोशिशों की भी आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। संगठन ने X पर कहा कि विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले की गई गिरफ्तारियां दमनकारी कदमों की लंबी श्रृंखला का हिस्सा हैं।
औरत मार्च ने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है और PTI की कई नीतियों से असहमत रहा है। हालांकि, संगठन का कहना है कि अधिकारों का दमन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उसके अनुसार हर नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध करने और अपनी मांगें रखने का संवैधानिक अधिकार है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी PTI के नेताओं ने 13 सितंबर को 27 सितंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और इस्लामाबाद में मार्च निकालने का ऐलान किया था। पार्टी के अनुसार, प्रदर्शन का उद्देश्य इमरान खान की रिहाई की मांग के साथ संविधान की सर्वोच्चता और कानून के राज को बहाल करना है।
प्रदर्शन की तारीख नजदीक आते ही सरकार और प्रशासनिक तंत्र ने PTI नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इससे राजनीतिक तनाव बढ़ा है। विश्लेषकों के अनुसार, विपक्षी आंदोलन को कमजोर करने के लिए वरिष्ठ नेताओं और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाए जाने की बात कही जा रही है।
औरत मार्च ने अपने बयान में मानवाधिकार वकील ईमान जैनब मजारी हाजिर और हादी अली चट्टा की दोबारा गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए मानवाधिकार स्थिति पर चिंता जताई। इसके साथ ही बलोच यकजेहती कमेटी की नेता महरंग बलोच, गुलजादी बलोच और अन्य सदस्यों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने का भी जिक्र किया। संगठन ने बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आम नागरिकों के खिलाफ सेना द्वारा किए जा रहे अत्याचारों का भी हवाला दिया।
औरत मार्च के अनुसार, ये घटनाएं सरकारी नैरेटिव को चुनौती देने वाले स्वतंत्र समूहों और आंदोलनों पर कार्रवाई को दर्शाती हैं। संगठन ने कहा कि पाकिस्तान लोकतंत्र, संविधान और प्रतिरोध के कठिन दौर से गुजर रहा है, जहां नागरिक अधिकार खतरे में हैं। औरत मार्च ने अपील की कि हर नागरिक, चाहे वह किसी भी राजनीतिक विचारधारा से जुड़ा हो, राज्य की ऐसी नीतियों की निंदा करे।