

Firing near White House Two National Guard members injured: संयुक्त राज्य अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी से एक बड़ी सुरक्षा घटना सामने आई है। दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में से एक, व्हाइट हाउस के पास ही गोलीबारी की घटना हुई है। इस हमले में दो नेशनल गार्ड जवान समेत कुल तीन लोग घायल हो गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना पर कड़ा रुख दिखाते हुए कहा है कि हमलावरों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
यह घटना स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 2:30 बजे हुई। गोलीबारी व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक्स की दूरी पर हुई, जिसने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोलीबारी की सूचना मिलते ही मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आया।
अधिकारियों ने तुरंत उस क्षेत्र को घेर लिया और कई सड़कें बंद कर दी गईं। असॉल्ट राइफल से लैस पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सीलबंद कर दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में सुरक्षा का एक बड़ा घेरा बना दिया गया और किसी को भी पास आने की अनुमति नहीं थी। घायल हुए दोनों नेशनल गार्ड सदस्यों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
शुरुआत में, वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर पैट्रिक मॉरिसी ने सोशल मीडिया पर जवानों की मौत की खबर दी थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया, जिससे पता चला कि जवान घायल हैं।
पुलिस ने घटनास्थल से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने हमलावर की पहचान कर ली है और बताया जा रहा है कि वह वॉशिंगटन क्षेत्र का स्थानीय निवासी नहीं है। गोलीबारी के पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए FBI की वाशिंगटन फील्ड ऑफिस स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इस मामले की जांच कर रही है। चूंकि यह घटना इतनी महत्वपूर्ण लोकेशन पर हुई है, इसलिए अधिकारी इस मामले को एक आतंकी हमले के रूप में भी जांच रहे हैं। जांच जारी होने के कारण, अधिकारी अभी कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं।
घटना के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी थैंक्सगिविंग छुट्टी से पहले पाम बीच स्थित अपने रिज़ॉर्ट में थे। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलाइन लिविट ने बताया कि राष्ट्रपति को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने लिखा, "जिस जानवर ने ये हरकत की है उसे इसकी बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।" उन्होंने नेशनल गार्ड और सेना के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया और घायल जवानों के लिए प्रार्थना करने की अपील की।
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के सचिव रिस्टी नोएम ने भी सभी से घायल जवानों के लिए दुआ करने की अपील की। इस गोलीबारी की घटना से ठीक पहले वॉशिंगटन डीसी में पहले से ही करीब 2,200 नेशनल गार्ड जवान तैनात थे। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि गोलीबारी के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने तुरंत 500 और नेशनल गार्ड जवानों की तैनाती का आदेश दिया है ताकि सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।