इथियोपिया में शांति समझौता बेअसर? टिग्रे में फिर भड़का भीषण तनाव, दोबारा गृहयुद्ध का खतरा

Ethiopia Conflict Update: इथियोपिया के उत्तरी टिग्रे में सात सशस्त्र संगठनों के नए सैन्य गठबंधन और भारी झड़पों के बाद फिर बड़े पैमाने पर भीषण गृहयुद्ध छिड़ने की गंभीर आशंका उत्पन्न हो गई है।
Ethiopia Conflict Civil War Crisis
इथियोपिया में गृहयुद्ध का खतरा(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ethiopia Conflict Civil War Crisis: इथियोपिया के उत्तरी टिग्रे क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ गया है। सशस्त्र गुटों और सेना के बीच झड़पें तेज होने से गृहयुद्ध का खतरा गहरा गया है। संयुक्त राष्ट्र ने ड्रोन हमलों और नागरिकों के नुकसान पर चिंता व्यक्त की है। वैश्विक समुदाय ने सभी पक्षों से संयम बरतने व शांति वार्ता की अपील की है।

सात सशस्त्र संगठनों का नया गठबंधन और हवाई अड्डों पर कब्जा

इथियोपिया के टिग्रे में TPLF और सेना के बीच लड़ाई तेज हो गई है। रविवार को TPLF और छह अन्य गुटों ने नया सैन्य गठबंधन बनाया। इस गठबंधन का घोषित उद्देश्य प्रधानमंत्री अबी अहमद की सरकार को हटाना है।

बुधवार को टिग्रे बलों ने क्षेत्र के तीन प्रमुख हवाई अड्डों पर कब्जा कर लिया। हवाई अड्डों पर कब्जे के बाद इथियोपियन एयरलाइंस ने उड़ानें निलंबित कर दीं। इस नए सैन्य गठबंधन में अमहारा फानो व ओरोमो लिबरेशन आर्मी शामिल हैं।

टिग्रे बलों ने पड़ोसी अमहारा और अफार क्षेत्रों में भी हमले तेज किए हैं। अफार के याल्लो में गोलाबारी और अबाला पर कब्जे की सूचना सामने आई है।

सेना की जवाबी कार्रवाई और 2020 के विनाशकारी युद्ध की यादें

इथियोपियाई सेना ने नार्थ वोल्लो में भारी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। सेना का दावा है कि उसने 272 TPLF लड़ाकों को मार गिराया व 260 घायल हुए। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

टिग्रे में चार साल शांत रहने के बाद भड़की यह हिंसा बेहद गंभीर मोड़ ले चुकी है। 2020 से 2022 के बीच हुए युद्ध में करीब छह लाख लोगों की मौत हुई थी। नवंबर 2022 के प्रिटोरिया शांति समझौते के बाद हिंसा रुकी थी।

लेकिन अब प्रिटोरिया समझौते के बाद इसे सबसे बड़ा सैन्य उकसावा माना जा रहा है। शुक्रवार 25 सितंबर को पूरे टिग्रे क्षेत्र में संचार सेवाएं ठप हो गईं।

बदलते राजनीतिक समीकरण और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहराता संकट

नेटब्लॉक्स ने उत्तरी इथियोपिया में इंटरनेट व्यवधान की पुष्टि की है। सेवाएं ठप होने से 2020 के युद्ध के दौरान लगे प्रतिबंधों की यादें ताजा हो गईं। उस समय संचार ठप होने से क्षेत्र में भारी मानवीय संकट खड़ा हो गया था।

इस नए संघर्ष का असर केवल इथियोपिया तक ही सीमित रहने की संभावना नहीं है। टिग्रे का तनाव पड़ोसी देश इरिट्रिया और सूडान गृहयुद्ध से भी जुड़ रहा है। इरिट्रिया को इथियोपिया की लाल सागर तक पहुंच की कोशिशों से डर है।

पिछले युद्ध में साथ देने वाले फानो लड़ाके अब TPLF के साथ खड़े हैं। राजनीतिक समीकरणों के इस बदलाव ने क्षेत्रीय सुरक्षा को जटिल बना दिया है।

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अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शांति अपील और प्रिटोरिया समझौता

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने न्यूयॉर्क में संयम की अपील की। यूएन ने सभी पक्षों से बातचीत के जरिए मतभेदों को सुलझाने को कहा है। अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष महमूद अली यूसुफ ने सीधे संवाद बहाल करने पर जोर दिया।

यूरोपीय संघ ने प्रिटोरिया समझौते के प्रति फिर प्रतिबद्धता जताने का आह्वान किया। अंतरराष्ट्रीय मंचों ने तत्काल सभी सैन्य गतिविधियां रोकने की अपील की है। अगर संघर्ष तुरंत नहीं रुका तो लाखों नागरिकों पर मानवीय संकट मंडराएगा।

इथियोपिया में शांति बहाली के लिए त्वरित कूटनीतिक प्रयास बेहद आवश्यक हैं। पूरा विश्व अब इथियोपिया के इस गंभीर घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

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