Ebola Outbreak: कांगो में इबोला के प्रकोप से करीब 330 बच्चों की मौत, यूनिसेफ ने जाहिर की चिंता

Ebola Outbreak Danger: कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला प्रकोप से 330 मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसके कारण वहां की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं और यूनिसेफ इस पर चिंतित है।
Ebola Outbreak in Congo
इबोला वायरस फोटो (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Ebola Outbreak in Congo: कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला प्रकोप के कारण अब तक 330 बच्चों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने इस स्वास्थ्य संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की है। यहां पुष्ट इबोला मामलों में से एक-तिहाई मौतें बच्चों की हुई हैं।

यूनिसेफ के अनुसार पांच साल से कम उम्र के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जहां मृत्यु दर वयस्कों से दोगुनी है। इस बीमारी के कारण बच्चों के टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं में भारी गिरावट आई है। लोग संक्रमण के डर के कारण इलाज कराने स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं जा रहे हैं।

स्वास्थ्य प्रणाली पर बड़ा संकट

डीआरसी में यूनिसेफ के प्रतिनिधि जॉन एगबोर ने कहा कि इबोला का प्रकोप पूरे स्वास्थ्य तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। इसके कारण मलेरिया, दस्त और अन्य इलाज योग्य बीमारियों के इलाज में बड़ी रुकावट आ रही है, जो बच्चों की मौत के बड़े कारण हैं।

चिकित्सा सहायता संगठन ‘डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ ने चेतावनी दी है कि पूर्वी डीआरसी की वर्तमान स्थिति पहले से कहीं अधिक गंभीर हो चुकी है। यह खतरनाक बीमारी बेहद तेज गति से फैल रही है और फिलहाल इसके धीमा पड़ने के कोई संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं।

मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

रिपोर्ट के अनुसार, 15 मई को इस खतरनाक प्रकोप की घोषणा होने के बाद से डीआरसी में इबोला के 3,973 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 1,801 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिससे पूरे देश में डर और दहशत का माहौल बना हुआ है।

इबोला के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग और सुरक्षा बलों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। संदिग्ध रोगियों की पहचान करने के लिए चौबीसों घंटे काम किया जा रहा है ताकि इस घातक प्रसार को जल्द काबू किया जा सके।

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किंशासा में संदिग्ध नाव रोकी

इसी बीच, स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को किंशासा के पास एक यात्री नाव को रोक लिया, जिसमें सवार एक पूर्व यात्री की मौत हो गई थी। उस मृत यात्री में इबोला संक्रमण के लक्षण होने का गंभीर संदेह था, जिसके बाद यह अलर्ट जारी किया गया था।

स्वास्थ्य मंत्री रोजर काम्बा ने बताया कि मोंगाला प्रांत में नाव से उतरे इस संदिग्ध मरीज में बुखार और दस्त के लक्षण पाए गए थे। सरकारी प्रवक्ता पैट्रिक मुयाया ने बताया कि नाव पर सवार सभी यात्रियों की मोबाइल प्रयोगशाला की मदद से जांच की जा रही है।

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