जापान में फिर कांपी धरती...6.1 की तीव्रता से दहला होक्काइडो, अधिकारियों ने जारी किया अलर्ट

Japan Earthquake Today: उत्तरी जापान के होक्काइडो में 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। हालांकि जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पिछले हफ्ते आए 7.4 के झटकों के बाद लोग अब भी दहशत में हैं।
Earthquake in Japan
जापान में भूकंप (फाइल फोटो, सौ- सोशल मीडिया)
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Earthquake in Japan: जापान में एक बार फिर तेज भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। सोमवार तड़के आए इस भूकंप ने उत्तरी जापान के होक्काइडो क्षेत्र में धरती को हिला कर रख दिया। जैसे ही जमीन कांपी, लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। कई इलाकों में लोगों की नींद भूकंप के तेज झटकों से खुली और कुछ समय तक घरों में रखी चीजें हिलती रहीं।

हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक इस घटना में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है और न ही सुनामी का कोई अलर्ट जारी किया गया है।

 6.1 मापी गई भूकंप की तीव्रता

अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई है। इसका केंद्र होक्काइडो के साराबेत्सु शहर से लगभग 18 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था और इसकी गहराई करीब 81 किलोमीटर बताई गई है। गहराई अधिक होने के कारण भूकंप का असर सीमित रहा, जिससे बड़े नुकसान की संभावना कम हो गई।

एक हफ्ते पहले आया 7.4 तीव्रता का भूकंप

यह पहली बार नहीं है जब हाल के दिनों में जापान में इतना तेज भूकंप आया हो। इससे पहले पिछले सप्ताह भी उत्तरी जापान के तटीय क्षेत्र में एक और शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया था। 20 अप्रैल को आए उस भूकंप की तीव्रता 7.4 थी, जिसने लोगों को काफी डरा दिया था। उस समय जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने एहतियात के तौर पर सुनामी का अलर्ट भी जारी किया था।

पिछले भूकंप का केंद्र सनरिकु तट के पास समुद्र के भीतर लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था। जापान के सार्वजनिक प्रसारक एनएचके के मुताबिक, उस दौरान लगभग तीन मीटर ऊंची सुनामी लहरों की आशंका जताई गई थी। हालांकि, उस घटना में भी बड़े पैमाने पर नुकसान की पुष्टि नहीं हुई थी।

अधिकारियों ने जारी की चेतावनी

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इवाते प्रीफेक्चर और होक्काइडो के कुछ इलाकों में 3 मीटर तक ऊंची लहरें पहुंच सकती हैं, इसलिए लोगों से सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई है। इस द्वीपसमूह में हर साल औसतन करीब 1,500 भूकंपीय झटके महसूस किए जाते हैं और दुनिया के लगभग 18% भूकंप इसी क्षेत्र में आते हैं।

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