ट्रंप के 2 कार्यकाल और 15 देशों पर वार; जानिए कैसे दुनिया का हर 13वां देश आया उनके निशाने पर

Trump War Record: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल में 15 देशों पर हमला किया है या कड़ी धमकी दी है। हाल ही में अमेरिका के पार्टनर देश ओमान को भी उड़ाने की चेतावनी दी गई है।
US Army: Trump War Record Shows 15 Countries Targeted, Ally Oman Faces Direct Threat
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Global Trump War Record: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार खुद को दुनिया में शांति लाने वाला और महान नेता बता चुके हैं। शांति का नोबेल पुरस्कार पाने के लिए उन्होंने कई प्रयास किए और कोई कसर नहीं छोड़ी थी। लेकिन उनकी असलियत और उनके राष्ट्रपति कार्यकाल की असली तस्वीर इससे बिल्कुल अलग दिखाई देती है। उन्होंने शांति की बजाय दुनिया भर में युद्ध को बढ़ावा देकर 15 देशों को निशाना बनाया है।

राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप ने उन तमाम देशों की एक बहुत लंबी लिस्ट बना दी है जिन पर उन्होंने हमला किया है। बुधवार को ट्रंप ने इस खतरनाक लिस्ट में अमेरिका के अपने पार्टनर देश ओमान का नाम भी शामिल कर लिया है। व्हाइट हाउस की अहम कैबिनेट बैठक में उन्होंने साफ कहा कि ओमान सही व्यवहार करे वरना उसे उड़ा देंगे। ट्रंप की इस साम्राज्यवादी आक्रामक विदेश नीति से दुनिया का हर तेरहवां देश प्रभावित हो चुका है।

16 महीनों में सात देशों पर हमला

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के शुरुआती 16 महीनों के भीतर ही सात अलग-अलग देशों में सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है। इन प्रमुख देशों की सूची में ईरान, इराक, नाइजीरिया, सोमालिया, सीरिया, वेनेजुएला और यमन के नाम खास तौर पर शामिल किए गए हैं। हालांकि इराक जैसे कुछ मामलों में सीधे सरकार की बजाय केवल आतंकवादियों को ही मुख्य निशाना बनाकर सैन्य हमले किए गए थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि अगर ओमान ईरान के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य को कंट्रोल करेगा, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। ट्रंप का मानना है कि ओमान को भी दुनिया के बाकी देशों की तरह ही अमेरिकी नियमों के अनुसार बिल्कुल सामान्य व्यवहार करना चाहिए। ऐसा न करने की स्थिति में उन्होंने अपने इस पार्टनर देश को पूरी तरह तबाह करने की सख्त और खुली चेतावनी जारी की है।

पहले कार्यकाल की आक्रामक नीतियां

अपने वर्तमान कार्यकाल के अलावा डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में भी दुनिया के कई प्रमुख देशों के खिलाफ आक्रामक नीतियां अपनाई थीं। उस दौरान उन्होंने मेक्सिको और नॉर्थ कोरिया जैसे देशों को खुलेआम सैन्य हमले की गंभीर धमकियां देकर पूरी दुनिया को काफी चौंका दिया था। इसके अलावा कुछ देशों पर ट्रंप ने सीधे युद्ध की धमकी तो नहीं दी, लेकिन कभी भी हमले से इनकार भी नहीं किया है।

अपने मौजूदा कार्यकाल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सात अन्य बड़े देशों के खिलाफ भी लगातार हमले की खुली धमकी दी है या संभावना जताई है। इस लिस्ट में अमेरिका के पड़ोसी देश कनाडा, कोलंबिया, क्यूबा, ग्रीनलैंड, मेक्सिको, पनामा और अब नया नाम ओमान शामिल हो चुका है। गौरतलब है कि धमकियों की इस सूची में शामिल ग्रीनलैंड दरअसल डेनमार्क देश का ही एक अहम और अभिन्न हिस्सा माना जाता है।

डोनाल्ड ट्रंप पर हमेशा से यह गंभीर आरोप लगता रहा है कि उनकी राजनीतिक सोच और नीतियां पूरी तरह से साम्राज्यवादी और विस्तारवादी प्रकृति की हैं। जिन कुल पंद्रह देशों पर ट्रंप ने अब तक निशाना साधा है या सैन्य धमकी दी है, उनमें से पांच को वह अमेरिका में मिलाना चाहते हैं। इस अजीबोगरीब इच्छा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके सहयोगियों और आलोचकों दोनों के बीच एक नई बहस और गहरी चिंता को जन्म दे दिया है।

अमेरिका में मिलाने की बड़ी तैयारी

ट्रंप जिन प्रमुख पांच देशों को अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते हैं, उनमें कनाडा, क्यूबा, ग्रीनलैंड, पनामा और वेनेजुएला जैसे संप्रभु देशों के नाम शामिल हैं। विशेष रूप से पनामा नहर और उसके आसपास के अहम व्यापारिक क्षेत्रों पर उनकी लगातार और गहरी नजर हमेशा से बनी हुई है। उनकी इस खतरनाक और महत्वाकांक्षी नीति ने वैश्विक राजनीति में अस्थिरता पैदा कर दी है और दुनिया भर के देशों को सोचने पर मजबूर किया है।

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