किंग चार्ल्स के भाई प्रिंस एंड्रयू की गिरफ्तारी पर भड़के ट्रंप, जाहिर की नाराजगी, बोले- यह बेहद शर्मनाक

Epstein Files Case: पूर्व ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को एपस्टीन से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया; किंग चार्ल्स ने कहा, कानून को अपना काम करना चाहिए और जांच निष्पक्ष होगी।
Donald Trump Reaction Over Ex-Prince Andrew Arrest
पूर्व प्रिंस एंड्रयू की गिरफ्तारी से ट्रंप नाराज (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Donald Trump Reaction Over Ex-Prince Andrew Arrest: पूर्व ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शर्मनाक और रॉयल परिवार के लिए बहुत दुखद बताया। ट्रंप ने रिपोर्टर्स से बातचीत में कहा कि यह घटना "शर्म की बात" है और रॉयल परिवार के लिए "बहुत बुरी" है।

एंड्रयू पर आरोप हैं कि उन्होंने सार्वजनिक पद में रहते हुए गलत काम किया, जो एपस्टीन के साथ उनके कथित संबंधों से जुड़ा है। यूरो न्यूज समेत कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें जांच के दौरान रिहा कर दिया गया। यूके की थेम्स वैली पुलिस ने बर्कशायर और नॉरफॉक में उनकी संपत्तियों पर छापेमारी की और 60 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।

जन्मदिन पर किया गया गिरफ्तार

हालांकि, शुरुआत में पुलिस ने नाम नहीं बताया था, लेकिन बाद में एंड्रयू को पुलिस स्टेशन से बाहर निकलते देखा गया। यह गिरफ्तारी उनके जन्मदिन के दिन हुई, जो कि एक अप्रत्याशित मोड़ था।

किंग चार्ल्स ने जारी किया बयान

इस घटना पर किंग चार्ल्स III ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि "कानून को अपना काम करना चाहिए" और बताया कि उन्हें एंड्रयू पर लगे सार्वजनिक पद में गलत कार्य के संदेह की खबर सुनकर चिंता हुई। किंग ने यह भी कहा कि जांच पूरी, निष्पक्ष और सही तरीके से होगी, और रॉयल परिवार इसमें पूरा सहयोग देगा। कानूनी प्रक्रिया जारी रहने तक किसी अन्य टिप्पणी से बचा जाएगा।

एंड्रयू ने किया आरोपों का खंडन

एंड्रयू माउंटबेटन ने एपस्टीन से जुड़े सभी आरोपों का खंडन किया है और कहा कि उन्होंने कभी किसी आपराधिक गतिविधि को देखा या संदेह नहीं किया। हालांकि नए आरोपों पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। किंग चार्ल्स ने पहले ही एंड्रयू से 'प्रिंस' का टाइटल हटा लिया था और उन्हें विंडसर स्थित उनके घर से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद यह जांच तेज हो गई।

इस मामले ने रॉयल परिवार और ब्रिटिश जनता के बीच चर्चा का विषय बना दिया है, क्योंकि यह न केवल एक कानूनी मुद्दा है, बल्कि रॉयल परिवार की प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि पर भी गहरा असर डालता है। 

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