US-चीन में छिड़ेगा नया 'वॉर'? ईरानी सेना को गुप्त तकनीक देने पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, एशिया में बढ़ा तनाव

China Iran Chip Technology: अमेरिका ने चीन की दिग्गज कंपनी SMIC पर ईरानी सेना को गुप्त रूप से चिप बनाने के उपकरण और तकनीक देने का आरोप लगाया है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका है।
Will a New 'Cold War' Erupt Between the US and China? Donald Trump Outraged Over Transfer of Secret Technology to Iranian Military; Tensions Escalate in Asia.
चीन ने ईरानी सेना को दी 'चिप' टेक्नोलॉजी, एआई फोटो
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China Iran Military Chip Technology Support: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष और ईरान-इजरायल युद्ध के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अमेरिकी प्रशासन ने दावा किया है कि चीन ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को ताक पर रखकर ईरान की सेना को अत्याधुनिक चिप टेक्नोलॉजी और उपकरण सप्लाई किए हैं। इस खुलासे के बाद वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है जिससे वैश्विक कूटनीति में खलबली मच गई है।

चीन की सबसे बड़ी चिप कंपनी घेरे में

ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, चीन की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी SMIC ईरानी सेना को चिप बनाने से जुड़े उपकरण और आवश्यक तकनीकी जानकारी मुहैया करा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह सहयोग पिछले एक साल से गुप्त रूप से जारी है। इसमें न केवल मशीनरी की सप्लाई शामिल है बल्कि ईरानी इंजीनियरों को चिप निर्माण की तकनीकी ट्रेनिंग भी दी जा रही है।

SMIC पर पहले से हैं कड़े प्रतिबंध

बता दें कि अमेरिका ने SMIC को साल 2020 में ही ब्लैकलिस्ट में डाल दिया था ताकि उसे अमेरिकी तकनीक तक पहुंचने से रोका जा सके। साल 2024 में इन प्रतिबंधों को तब और सख्त कर दिया गया था जब इस कंपनी ने Huawei के लिए एक मॉडर्न चिप विकसित की थी। अब ताजा आरोपों ने संकेत दिया है कि प्रतिबंधों के बावजूद चीन ने ईरान के साथ सैन्य-तकनीकी सहयोग जारी रखा है।

ईरानी सैन्य शक्ति पर क्या होगा असर?

अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान इस तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग करता है, तो वह अपने हथियार प्रणालियों, मिसाइल गाइडिंग सिस्टम और सैन्य संचार को काफी आधुनिक बना सकता है। हाल ही में यह खबर भी आई थी कि ईरान चीन से एंटी-शिप मिसाइलें खरीदने की योजना बना रहा है। ऐसे में चिप तकनीक की आपूर्ति ईरान के रक्षा ढांचे को एक नई मजबूती प्रदान कर सकती है जो इस युद्ध में इजरायल और अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

चीन और ईरान का रुख

इन गंभीर आरोपों पर अभी तक SMIC या संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, चीनी दूतावास का कहना है कि चीन-ईरान के साथ 'सामान्य व्यापार' करता है और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है। वहीं, SMIC पहले भी कह चुका है कि उसका चीनी सेना से कोई सीधा संबंध नहीं है।

बढ़ सकता है वैश्विक तनाव

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने यद्यपि शांति वार्ता की अपील की है लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि चीन का यह सैन्य सहयोग युद्ध को और लंबा खींच सकता है।

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