फिर बिल से बाहर निकले बिलावल भुट्टो, सिंधु जल संधि पर भारत को दी परमाणु धमकी, कहा- पानी रोकना अस्तित्व पर हमला

India-Pakistan Indus Waters Treaty Dispute: सिंधु जल संधि पर बढ़ते तनाव के बीच बिलावल भुट्टो ने भारत को धमकी देते हुए कहा कि पाकिस्तान का पानी रोकना उसके अस्तित्व पर हमला होगा।
Bilawal Bhutto Nuclear Threat India
बिलावल भुट्टो ने भारत को परमाणु हमले की धमकी दी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Bilawal Bhutto Nuclear Threat India: भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर सिंधु जल संधि (इंडस वॉटर्स ट्रीटी) को लेकर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। इसी बीत पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारत को गीदड़भभकी देते हुए परमाणु हमला करने की धमकी दी है। एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में भुट्टो ने कहा कि अगर पाकिस्तान के पानी रोका गया तो इसके देश के अस्तित्व पर हमला माना जाएगा।

जानकारी के मुताहिक, बिलावल ने यह बयान पाकिस्तान में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में दिया। उन्होंने कहा कि, अगर पाकिस्तान के पानी को रोकने का प्रयास किया जाता है तो इसे पर्यावरण या कूटनीतिक विवाद नहीं, बल्कि पाकिस्तान के अस्तित्व पर हमला माना जाएगा।

पानी रोका तो, न्यूक्लियर आर्मागेडन जैसी स्थिति

बिलावल भुट्टो ने आगे कहा कि पर पाकिस्तान में परमाणु सिद्धांत (न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन) में कुछ ऐसी परिस्थिथियां पहले से तय की गई हैं, जिसमें देश की अर्थव्यवस्था या जल संसाधनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को देश के अस्तित्व के खतरा मानी जाती है। ऐसे में अगर पातिस्तान के हक के पानी को रोकना "न्यूक्लियर आर्मागेडन" जैसी स्थिति बनाता है। जिसका जवाब उसी गंभीरता से दिया जाएगा।

भुट्टो ने आरोप लगाया कि भारत पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहता है और इसके जरिए पाकिस्तान पर दबाव बनाना चाहता है। बिलावल ने भारत को धमकी देते हुए कहा कि, सिंधु पाकिस्तान के लिए कोई सौदेबाजी का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की जीवनरेखा है। इसलिए हम अपने पानी, अपनी संधि, अपनी संप्रभुता और अपने भविष्य की रक्षा हर परिस्थिति में करेंगे।

शांति चाहता है पाकिस्तान: बिलावल भुट्टो

भुट्टो ने आगे कहा कि, पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन सम्मान के साथ, हम बातचीत के पक्षधर हैं, लेकिन कानून के दायरे में, हम साथ रहना चाहते हैं, लेकिन किसी के सामने झुकना हमें मंजूर नहीं है। बिलावल ने दावा किया कि अगर कोई यह सोचता है कि पाकिस्तान अपने हक का पानी छोड़ देगा, तो वह पाकिस्तान की अवाम को नहीं जानता।

पाकिस्तान के लिए क्यों अहम है सिंधु जल संधि

भारत पिछले साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को रद्द कर दिया था। इसके बाद से अब तक पाकिस्तान कई अंतरराष्ट्रीय मंचों इसे एकतरफा कार्रवाई और भारत की मनमानी बता चुका है। पाकिस्तान की लगभग 80 प्रतिशत कृषि सिंधु नदी के पानी पर निर्भर है। पाकिस्तान के लिए सिंधु केवल नहीं, बल्कि जीवनरेखा की तरह है।

https://youtu.be/z4thxok4HuY

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