बांग्लादेश पीएम तारिक रहमान का बड़ा वादा: हिंदुओं और सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा होगी सुनिश्चित

Tarique Rahman Pledges: बांग्लादेश के PM रहमान ने राष्ट्र के नाम पहले संबोधन में अल्पसंख्यकों, हिंदुओं की सुरक्षा और कानून का राज स्थापित करने का संकल्प लिया और भ्रष्टाचार पर सख्ती की बात कही।
Bangladesh PM Tarique Rahman Pledges Safety for Hindus and Minorities in First National Address
बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Safety For All Religions: बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने देश की कमान संभालते ही एक बहुत महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सभी धर्मों की सुरक्षा की बात कही। रहमान ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य देश में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से बहाल करना है। अगस्त 2024 के बाद हिंदुओं पर हुए हमलों के बीच प्रधानमंत्री का यह आश्वासन कूटनीतिक रूप से बहुत मायने रखता है।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का संकल्प

प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने कहा कि यह देश मुसलमानों, हिंदुओं, बौद्धों और ईसाइयों सहित सभी नागरिकों का समान रूप से है। उन्होंने संकल्प लिया कि पार्टी या धर्म चाहे जो भी हो, हर नागरिक को सरकार पर समान अधिकार प्राप्त होंगे। यह बयान अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बढ़ी सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं के बाद आया है।

कानून का राज और मॉब कल्चर

रहमान ने जोर देकर कहा कि राज्य संचालन में अंतिम शब्द केवल कानून का होगा और किसी राजनीतिक दल का प्रभाव नहीं चलेगा। गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने भी स्पष्ट किया है कि देश में किसी भी तरह का मॉब कल्चर अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अल्पसंख्यकों पर हमलों और न्यायेतर हत्याओं को रोकने के लिए प्रशासनिक संस्थाओं को नियमों के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए।

हिंसा के डरावने आंकड़े

मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में सांप्रदायिक हमलों की 522 से अधिक डरावनी घटनाएं दर्ज की गई थीं। जून 2025 से जनवरी 2026 के बीच करीब 116 अल्पसंख्यक लोगों की हत्या हुई, जिनमें अधिकांश हिंदू समुदाय के लोग थे। भारत ने भी बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चिंता व्यक्त की है।

आर्थिक सुधार और युवाओं पर जोर

प्रधानमंत्री ने देश की कमजोर अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन को इसका मुख्य जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आधुनिक दौर में कौशल विकास और विशेषज्ञता पर विशेष ध्यान दें। आगामी रमजान के महीने को देखते हुए गैस, पानी और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

निर्वासन के बाद नई शुरुआत

तारिक रहमान 17 साल के स्वैच्छिक निर्वासन के बाद दिसंबर में लंदन से लौटे थे और 12 फरवरी को चुनाव जीते। वे पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं और अब बांग्लादेश के 11वें प्रधानमंत्री बने हैं। उनके मंत्रिमंडल में 25 मंत्री शामिल हैं, जिसमें निताई चौधरी को इकलौते हिंदू मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

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