

Bangladesh Hindu Protest Lord Ram Insult: पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की घटनाओं ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। भगवान राम के अपमान और निर्माणाधीन प्रतिमा को कट्टरपंथियों द्वारा रोके जाने के विरोध में अब हिंदू छात्र सड़कों पर उतर आए हैं।
ढाका में हिंदू छात्रों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बड़े आंदोलन का आह्वान किया है, जिससे वहां के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
विरोध की मुख्य वजह हाल ही में हुई दो बड़ी घटनाएं हैं। पहली घटना में भगवान राम के फोटो पर जूता रखे जाने का मामला सामने आया है, जिसने हिंदू समुदाय की भावनाओं को गहराई से आहत किया है। दूसरी घटना गाइबंधा जिले के पलाशबाड़ी की है, जहां 81 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा था। कट्टरपंथियों की भारी भीड़ ने न केवल इस निर्माण कार्य को जबरन रुकवा दिया, बल्कि वहां हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ भाषण भी दिए और हिंदू धर्म के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।
इस घटना के विरोध में हिंदू छात्रों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। मंगलवार को ढाका विश्वविद्यालय में हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।
छात्रों का कहना है कि समय सीमा बीत जाने के बाद भी अब तक किसी भी कट्टरपंथी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी से भड़के छात्रों ने अब ढाका के शाहबाग इलाके में एक विशाल विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। छात्र नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन अब केवल धार्मिक नहीं रह गया है, बल्कि यह उनके सम्मान, अस्तित्व और पहचान की लड़ाई बन चुका है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठनों ने भविष्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है। बांग्लादेश स्टूडेंट यूनिटी काउंसिल के संयोजक नॉवेल्टी रॉय उदय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इसी तरह का अपमान और अत्याचार जारी रहा, तो अगले 10 वर्षों में बांग्लादेश से हिंदू समुदाय पूरी तरह खत्म हो जाएगा। वहीं, माइनॉरिटी राइट्स मूवमेंट की प्रवक्ता सुष्मिता कर ने भी कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं के खिलाफ फैलाई जा रही नफरत पर कड़ा ऐतराज जताया है।
यह आंदोलन अब धीरे-धीरे पूरे देश में फैल रहा है। इसकी शुरुआत जगन्नाथ यूनिवर्सिटी से हुई थी, जो अब देश के अन्य विश्वविद्यालयों तक पहुंच गई है। प्रदर्शन से पहले 'हिंदू महाजोत' संगठन द्वारा ढाका प्रेस क्लब के सामने मानव श्रृंखला बनाई जाएगी।
इसके अलावा, 'बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद' और 'नेशनल हिंदू ग्रैंड अलायंस' ने भी इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और बड़े प्रदर्शनों की तैयारी कर ली है। इन संगठनों का मुख्य एजेंडा अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हत्या, रेप, तोड़फोड़ और मंदिरों के निर्माण पर रोक जैसे गंभीर मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।