-
शनि, 18 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- West Bengal »
- Who Is The Mastermind Behind Tmc Crisis Bjp Denies Role Mamata Under Pressure
Explainer: बीजेपी का दावा: हमनें नहीं तोड़ी TMC! तो फिर कौन है मास्टरमाइंड? जिसने उड़ाई ममता बनर्जी की नींद
- Written By: अक्षय साहू
TMC Split Reason: बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस की टूट को लेकर अपना पल्ला झाड़ दिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर बीजेपी नहीं तो फिर टीएमसी में बगावत की चिंगारी जलाने वाले कौन लोग हैं?

टीएमसी के विभाजन के पीछे का मास्टरमाइंड कौन है (सोर्स- सोशल मीडिया)
Mastermind Behind The TMC Split: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद एक बड़ा राजनीतिक मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है। चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) गंभीर मुश्किलों में फंस गई है। करीब 15 साल तक राज्य की सत्ता में रहने वाली टीएमसी अब अपने ही सांसदों और विधायकों के विद्रोह का सामना कर रही है। जिससे ममता बनर्जी की राजनीतिक स्थिति कमजोर होती दिखाई दे रही है।
दिलचस्प बात ये है कि बंगाल में टीएमसी की मुख्य प्रतिद्वंदी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस टूट में अपना हाथ होने से इनकार किया है। बीजेपी का कहना है कि यह टूट ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी द्वारा की गई मनमानी का नतीजा है। टीएमसी के नेताओं की आवाज को उनकी ही पार्टी में दबाया गया। जिसके चलते अब वो इससे बाहर हो रहे है। बीजेपी के बयान के बाद सलाव उठता है कि, अगर बीजेपी नहीं तो फिर वो कौन है जिसने टीएमसी में इतनी बड़ी बगावत को अंजाम दिया?
ऋतब्रत बनर्जी ने की बगावत की शुरुआत
टीएमसी को सबसे बड़ा झटका विधानसभा में लगा है। चुनाव के बाद पार्टी के पास कुल 80 विधायक थे। लेकिन अब इनमें से 65 विधायकों ने बगावत का ऐलान कर दिया। इन बागी विधायकों ने मिलकर एक नया समूह बना लिया है और ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना है। शुरूआत में ऋतब्रत को ही इस बगावत का कर्ता-धर्ता माना जा रहा था। लेकिन फिर कुछ ही दिनों साफ हो गया कि वो तो बस इस बड़ी राजनीतिक उठा-पटक का एक छोटा सा हिस्सा हैं।
सम्बंधित ख़बरें
एक घंटे में छोड़ दूंगा पद, अगर…बागी नेताओं को अभिषेक की चुनौती; बोले- वो डरपोक हैं, लड़ना नहीं चाहते
TMC बागी सांसदों के NCPI में विलय को मिली मंजूरी, बिना चुनाव लड़े बनी पांचवी सबसे बड़ी पार्टी
अभिषेक बनर्जी की 5 मंजिला इमारत जमींदोज, 3 बुलडोजर पहुंचते ही सड़कों पर उतरे समर्थक; बढ़ा तनाव
ठाणे मनपा का नया डिजिटल पोर्टल: कंस्ट्रक्शन कचरे की होगी ऑनलाइन ट्रैकिंग, वायु प्रदूषण और डंपिंग पर लगेगी लगाम
ऋतब्रत बनर्जी ने थी बगावत की शुरुआत (सोर्स- सोशल मीडिया)
लोकसभा में 19 सांसदों ने खोला मोर्चा
टीएमसी में संकट केवल विधानसभा तक सीमित नहीं है। संसद में भी टीएमसी की स्थिति कमजोर होती जा रही है। लोकसभा में पार्टी के 28 सांसद थे। इनमें से 19 सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर अलग समूह के रूप में बैठने की इच्छा जताई है। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए को समर्थन देने का संकेत भी दिया है। इस बागी समूह में डॉ काकोली घोष दस्तीदार, सयानी घोष, यूसुफ पठान और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे बड़े नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इन नेताओं के अलग होने से पार्टी की राष्ट्रीय पहचान और ताकत दोनों को नुकसान पहुंचा है।
राज्यसभा में टीएमसी हुई कमजोर
राज्यसभा में भी टीएमसी को लगातार झटके मिल रहे हैं। हाल के दिनों में सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक जैसे नेताओं ने अपनी सदस्यता और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया है। ये सभी नेता लंबे समय से पार्टी से जुड़े हुए थे और महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे थे। राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि बाबुल सुप्रियो समेत कुछ अन्य सांसद भी जल्द ही पार्टी छोड़ सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो राज्यसभा में भी टीएमसी की स्थिति और कमजोर हो जाएगी।
कई राज्यसभा सांसदों ने छोड़ी पार्टी (सोर्स- सोशल मीडिया)
ममता के करीबी कल्याण बनर्जी ने भी छोड़ा साथ
पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी और नेताओं की बगावत के बीच ममता के लिए राहत की बस एक बात थी कि उनके पूराने साथी अभी भी उनके साथ खड़े नजर आ रहे थे। लेकिन ममता यहां भी गलत साबित हुई और टीएमसी के कई वरिष्ठ नेताओं ने ममता को झटका देते हुए पार्टी से अलग होने का ऐलान कर दिया। इसमें सबसे बड़ा नाम ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले कल्याण बनर्जी का रहा।
कल्याण बनर्जी ने भी किया बगावत का ऐलान (सोर्स- सोशल मीडिया)
कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी के सामने साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें अभिषेक बनर्जी और उनके बीच किसी एक को चुनना होगा। उनका आरोप है कि अभिषेक बनर्जी उन पर भरोसा नहीं करते और पार्टी में पुराने नेताओं की अनदेखी की जा रही है। इससे पार्टी के पुराने और नए नेताओं के बीच टकराव बढ़ गया है। कई नेताओं का मानना है कि इसी आंतरिक संघर्ष ने पार्टी को कमजोर किया है।
टीएमसी के टूटने में किसका हाथ?
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे कई नेताओं की भूमिका की चर्चा हो रही है। सबसे ज्यादा चर्चा डॉ काकोली घोष दस्तीदार की हो रही है। माना जा रहा है कि काकोली दिल्ली में सांसदों के बीच हुए विद्रोह को संगठित करने में उनकी अहम भूमिका रही है। उन्होंने लंबे समय से असंतुष्ट सांसदों को एकजुट किया और उन्हें एक अलग पहचान देने का प्रयास किया। कहा जा रहा है कि उनका मकसद पार्टी के अंदर बहुमत हासिल कर खुद को असली टीएमसी के रूप में पेश करना है।
शुभेंदु अधिकारी ने दी विद्रोह को हवा
टीएमसी की टूट में दूसरा बड़ा नाम शुभेंदु अधिकारी का है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रमुख चेहरा बनने से पहले अधिकारी लंबे समय तक टीएमसी की हिस्सा रह चुके थे। जानकारों का मानना है कि टीएमसी में अनुभवों के चलते वो पार्टी की अंदरूनी राजनीति और नाराजगीयों को बहुत अच्छे से समझते हैं। बताया जाता है कि चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने कई असंतुष्ट नेताओं से संपर्क किया और उन्हें एकजुट होने के लिए प्रेरित किया। इससे पार्टी के भीतर विद्रोह को और ताकत मिली।
टीएमसी को अंदर से जानते हैं शुभेंदु अधिकारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
हिमंत बिस्वा सरमा की भूमिका भी अहम
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का नाम भी चर्चा में है। सुष्मिता देव के इस्तीफे से पहले उनकी और हिमंत बिस्वा सरमा की तस्वीरें सामने आई थीं। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई कि सुष्मिता देव के फैसले के पीछे भी उनकी कुछ भूमिका हो सकती है। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यह भी पढ़ें- दिल्ली में चौथी मंजिल से कूदी विदेशी महिला, संदिग्ध ‘ड्रग्स लैब’ का भंडाफोड़; भारी मात्रा में MDMA बरामद
भले ही भारतीय जनता पार्टी यह कह रही हो कि टीएमसी की टूट में उनका कोई हाथ नहीं और यह अंदरुनी नाराजगी का परिणाम है। लेकिन बीजेपी के बड़े नेताओं शुभेंदु अधिकारी और हिमंत बिस्वा सरमा का इस बीच टीएमसी नेताओं के साथ नजर आना साफ दिखाता है बीजेपी खुद को इस टूट से जितना दूर बता रही है, इतनी है नहीं।
Who is the mastermind behind tmc crisis bjp denies role mamata under pressure
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
कजाकिस्तान कनेक्शन का खुलासा: भारत सरकार की नकली वेबसाइट चलाकर कर रहे थे फर्जीवाड़ा, देखें VIDEO
Jul 18, 2026 | 11:12 PMHPPSC Recruitment: हिमाचल में वित्त एवं लेखा सेवा के 26 पदों पर भर्ती, सरकारी कर्मचारियों के लिए आवेदन शुरू
Jul 18, 2026 | 11:11 PMजो मुझे जीजा मानते हैं, वही फैजल खान कहते हैं…पहली बार नाम विवाद पर बोले खान सर, फायरिंग मामले पर कही ये बात
Jul 18, 2026 | 11:11 PMजनता का पैसा पानी में न बहे… मानसून सत्र को लेकर आनंद दुबे ने सत्ता पक्ष और विपक्ष को दिलाई जिम्मेदारी
Jul 18, 2026 | 11:04 PMसंभल को 569 करोड़ की मिली सौगात, CM योगी बोले- अब तुर्क की तुर्कई नहीं चलेगी, हरिहर मंदिर का होगा आदेश
Jul 18, 2026 | 11:01 PMSwitch Board Cleaning: पीले पड़ चुके स्विच बोर्ड को बनाएं एकदम नया, ये आसान ट्रिक करेगी कमाल
Jul 18, 2026 | 10:59 PMयोगीराज में भी सुरक्षित नहीं BJP नेता! अपनी ही पार्टी के नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप, देखें VIDEO
Jul 18, 2026 | 10:58 PMवीडियो गैलरी

पुलिस चौकी में नशेड़ी ने मचाया तांडव, शीशे-गमले तोड़ खुद को भी किया लहूलुहान; देखें VIDEO
Jul 18, 2026 | 10:42 PM
ऋषिकेश में चोरी-छिपे मौलवी ने पढ़ाई नमाज, भड़के BJP नेता; हाई-वोल्टेज ड्रामे का VIDEO वायरल
Jul 18, 2026 | 08:53 PM
कानपुर में बवाल: विधानसभा अध्यक्ष के बयान पर BJP -कांग्रेस में हिंसक झड़प, पुलिस ने संभाला मोर्चा! देखें VIDEO
Jul 18, 2026 | 07:18 PM
क्या मोदी सरकार ने डरकर खत्म कराया सोनम वांगचुक का अनशन? संजय सिंह का बड़ा खुलासा! देखें VIDEO
Jul 18, 2026 | 05:15 PM
क्या आपका व्हाट्सएप मैसेज भी हो सकता है खतरनाक? देखें ₹60,000 की ठगी का VIDEO
Jul 18, 2026 | 04:48 PM
इतनी चिंता थी सम्मान के साथ ले जाते… अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस को लगाई फटकार, देखें VIDEO
Jul 18, 2026 | 02:45 PM














