RG Kar Case Update: आरजी कर मामले में आज दोपहर अहम सुनवाई, हाई कोर्ट की नई बेंच के सामने पेश होंगी दलील

New Bench Justice Shampa Sarkar RG Kar: बंगाल का बहुचर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप केस में आज कलकत्ता उच्च न्यायालय की नई बेंच अहम सुनवाई करेगी। पुरानी बेंच ने स्वयं को केस से हटा लिया था।
RG Kar Case Update: Crucial hearing in the RG Kar case this afternoon; arguments to be presented before a new High Court bench.
आरजी कर मेडिकल केस (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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RG Kar Case Calcutta High Court Hearing: कलकत्ता हाई कोर्ट की एक नई डिवीजन बेंच मंगलवार यानी आज आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हास्पिटल की महिला डॉक्टर के साथ 2024 में हुए भयानक रेप और मर्डर के मामले में सुनवाई करेगी। इस नई डिवीजन बेंच में जस्टिस शम्पा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष शामिल हैं। इस मामले की सुनवाई दोपहर 1 बजे शुरू होगी। हाई कोर्ट की पिछली डिवीजन बेंच की अध्यक्षता जस्टिस राजशेखर मंथा कर रहे थे।

12 मई को उन्होंने स्वयं को इस सुनवाई से अलग कर लिया था। इस पर उन्होंने टिप्पणी की थी कि इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई जल्दी होनी चाहिए। इसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने 15 मई को इस मामले को जस्टिस सरकार और जस्टिस घोष की नई डिवीजन बेंच को सौंप दिया था।

घटनास्थल का दौरा करने की मांगी थी अनुमति

इस मामले को नई बेंच को सौंपते हुए जस्टिस पॉल ने टिप्पणी की थी कि केस से जुड़ी सभी याचिकाएं, जिनमें पीड़ित परिवार की वह याचिका भी शामिल है जिसमें उन्होंने घटनास्थल का दौरा करने की अनुमति मांगी थी, अब नई डिवीजन बेंच द्वारा सुनी जाएंगी। हालांकि, इस मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो ने पीड़ित परिवार की उस याचिका पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी जिसमें उन्होंने घटनास्थल का दौरा करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पिछली राज्य सरकार ने इस पर आपत्ति जताई थी।

राज्य सरकार पर उठे सवाल

दरअसल, जस्टिस मंथा की अध्यक्षता वाली पिछली डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान पूर्व की सरकार पर यह सवाल उठाया था कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार की याचिका पर आपत्ति क्यों जता रही है, जबकि जांच एजेंसी के तौर पर सीबीआई को इस पर कोई आपत्ति नहीं है।

सुवेंदु सरकार ने दिखाई सक्रियता

हाल ही में, मामले में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार ने कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत कुमार गोयल और शहर पुलिस के दो डिप्टी कमिश्नरों, इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता, को निलंबित करने की घोषणा की। उन्हें यह सजा इसलिए दी गई क्योंकि कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपे जाने से पहले, शुरुआती जांच में शहर पुलिस की बेहद लापरवाही सामने आई थी।

तत्कालीन प्रिंसिपल पर मुकदमें की मंजूरी

सीएम सुवेंदु ने सोमवार को ईडी को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर मुकदमा चलाने की अनुमति की घोषणा की थी। बता दें, अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक संदीप घोष का नाम आरजी कर वित्तीय अनियमितता मामले और जूनियर डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले, दोनों से जुड़ा हुआ है। पिछली सरकार ने लंबे समय तक इस अनुमति को रोक रखा था, लेकिन अब इस मामले में तेजी आई है।

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