

Bengal Politics News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईद के मौके का इस्तेमाल केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने के लिए किया। चुनावी सरगर्मी के बीच ममता बनर्जी ने 'भाजपा हटाओ, देश बचाओ' का नारा बुलंद करते हुए साफ कर दिया कि वे बंगाल के अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद व्यक्तिगत और तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विदेशों में जाकर, जैसे सऊदी अरब और दुबई में, वहां के नेताओं से हाथ मिलाते हैं और दोस्ती का दम भरते हैं। लेकिन जब बात अपने ही देश की आती है, तो वे और उनकी सरकार लोगों के बीच भेदभाव पैदा करने का काम करती है। ममता ने केंद्र सरकार को 'सबसे बड़ा घुसपैठिया' करार देते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली की सत्ता बंगाल को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। जो लोग बंगाल को निशाना बनाते हैं, उनके बारे में दीदी ने कहा, "वो नर्क में जाएंगे।"
मुख्यमंत्री ने एक अत्यंत गंभीर मुद्दे की ओर जनता का ध्यान खींचा-वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने का मामला। उन्होंने SIR की जांच का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं। ममता ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस अधिकार को बचाने के लिए वे कोलकाता से दिल्ली तक लड़ती रही हैं।
उन्होंने कहा कि वे इस मामले को कलकत्ता उच्च न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ले गई हैं ताकि हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रहे। यह मुद्दा सीधे तौर पर आम आदमी की जड़ों से जुड़ा है, क्योंकि वोट देने का अधिकार ही लोकतंत्र में उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
मंच पर ममता के साथ मौजूद टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने भी अपनी बात रखी, लेकिन उनका लहजा भावनात्मक और एकता पर केंद्रित था। उन्होंने बंगाल की साझी संस्कृति पर जोर देते हुए कहा कि 'रमजान में राम है और दिवाली में अली है।' अभिषेक ने हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश देते हुए मशहूर शायर राहत इंदौरी का एक शेर पढ़ा- "सभी का खून है शामिल यहां की मिट्टी में, किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है।" उनका यह बयान उन ताकतों के लिए एक कड़ी चेतावनी था जो चुनावी लाभ के लिए धर्म के नाम पर दीवारें खड़ी करने की कोशिश करते हैं।
भाषण के आखिरी हिस्से में ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर बंगाल में राष्ट्रपति शासन थोपने की धमकी देने का आरोप लगाया। उन्होंने दहाड़ते हुए कहा कि वे ऐसी धमकियों से डरने वाली नहीं हैं और बंगाल की सरकार किसी के सामने नहीं झुकने वाली। ममता ने दो टूक शब्दों में कहा कि "जो डरते हैं, वो हार जाते हैं, और जो लड़ते हैं, वही जिंदगी में आगे बढ़ते हैं।" उन्होंने भाजपा को 'गुंडों और चोरों की पार्टी' कहते हुए जनता से अपील की कि वे उन लोगों को पहचानें जो पैसे लेकर वोट बांटने का काम कर रहे हैं। यह भाषण स्पष्ट संकेत है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और अधिक उग्र होने वाली है।