सुविधा के हिसाब से नहीं निभती राजनीति, जनता का भरोसा निभाना पड़ता है: अग्निमित्रा पॉल

Agnimitra Paul News: पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए फिरहाद हकीम और पूर्व सत्तारूढ़ व्यवस्था से जुड़े कई प्रतिनिधियों के रवैये पर सवाल उठाए।
Politics cannot be conducted merely for the sake of convenience; one must uphold the trust of the people: Agnimitra Paul
अग्निमित्रा पॉल (सोर्स सोशल मीडिया)
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Agnimitra Paul Statement: कोलकत्ता के मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफे की खबर के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए फिरहाद हकीम और पूर्व सत्तारूढ़ व्यवस्था से जुड़े कई पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों के रवैये पर सवाल उठाए हैं।

अग्निमित्रा पॉल ने पोस्ट में लिखा कि फिरहाद हकीम का इस्तीफा और कई जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति सार्वजनिक जवाबदेही और राजनीतिक जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। कोई भी सार्वजनिक पद केवल सत्ता का प्रतीक नहीं होता, बल्कि यह जनता की सेवा करने की गंभीर जिम्मेदारी भी होती है, खासकर तब जब शहर चुनौतियों का सामना कर रहा हो।

लोगों को अपने चुनें हुए प्रतिनिधियों से उम्मीद

उन्होंने कहा कि कोलकत्ता इस समय एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। मानसून की शुरुआत के साथ शहर को जलभराव,ड्रेनेज प्रबंधन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, सड़क रखरखाव और आपातकालीन तैयारियों जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में लोगों को अपने चुनें हुए प्रतिनिधियों से उम्मीद होती है कि वे उनके साथ खड़े रहें और नागरिक सुविधाओं को सुचारु बनाए रखें।इसके बजाय जनता ने इस जिम्मेदारी से पीछे हटते हुए देखा है। उन्होंने कहा कि राजनीति मदभेद और चुनावी हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है। लेकिन इसके कारण जनसेवा और शासन को छोड़ा नहीं जा सकता।

राजनीतिक संबद्धता व सार्वजनिक कर्तव्य में अंतर

अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राजनीतिक संबद्धता और सार्वजनिक कर्तव्य में अंतर होता है। राजनीतिक परिस्थितियां बदल सकती हैं, लेकिन जनता के प्रति जिम्मेदारी हमेशा बनी रहती है। ऐसे समय में इस्तीफा देना यह संदेश देता है कि जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता राजनीतिक समीकरणों को दी गई है। लोगों ने अपने प्रतिनिधियों को पूरे कार्यकाल के लिए चुना था और उनसे उम्मीद की थी कि वे राजनीतिक परिस्थितियों की परवाह किए बिना कोलकत्ता के विकास के लिए काम करेंगे।

जानिए अग्निमित्रा पॉल ने क्या कहा

अग्निमित्रा पॉल ने यह भी कहा कि सच्चे नेतृत्व की पहचान अनुकूल परिस्थितियों में नहीं, बल्कि संकट और अनिश्चितता के समय होती है। शहर को राजनीतिक गणनाओं का बंधक नहीं बनाया जा सकता। सड़कें, ड्रेनेज, सार्वजनिक सेवाएं और नागरिक सुविधाएं हर हाल में चलती रहनी चाहिए। कोलकाता आगे बढ़ता रहेगा, विकास जारी रहेगा और जनसेवा भी चलती रहेगी। लेकिन यह पूरा घटनाक्रम इस बात की याद दिलाता है कि जनता द्वारा दिया गया विश्वास एक बड़ी जिम्मेदारी के साथ आता है, जिसे सुविधानुसार छोड़ा नहीं जा सकता।

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