कोलकाता में निर्वाचन आयोग के बाहर BJP और TMC कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प, वाहनों में तोड़फोड़

Bengal Political Clash: कोलकाता में निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर BJP और TMC समर्थकों के बीच मतदाता सूची में हेरफेरी को लेकर हिंसक झड़प हुई, जिसमें वाहनों में तोड़फोड़ की गई और कई लोग घायल हुए।
Violent Clash Between BJP and TMC Workers Outside Election Commission Office in Kolkata
कोलकाता में निर्वाचन आयोग के बाहर हिंसक झड़प (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Political Violence In West Bengal: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर मंगलवार को भारी तनाव की स्थिति देखी गई। यहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच मतदाता सूची में कथित हेरफेरी को लेकर हिंसक झड़प हुई। मतदाता सूची में हेरफेर को लेकर टकराव के कारण स्थिति बेकाबू हो गई और पुलिस को शांति बहाल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की इस घटना ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्मा दिया है जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

झड़प का मुख्य कारण

कोलकाता में निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर मंगलवार को TMC समर्थित अधिकारियों और BJP कार्यकर्ताओं के बीच जमकर संघर्ष हुआ। यह पूरा विवाद मुख्य रूप से मतदाता सूची में फॉर्म 6 के कथित दुरुपयोग और हेरफेरी को लेकर शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि BJP अन्य राज्यों के निवासियों को बंगाल की सूची में जोड़ने का अवैध प्रयास कर रही है।

शुभेंदु अधिकारी का दौरा

दोपहर के समय विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का दौरा किया और वहां की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई और उन पर क्षेत्र में अशांति फैलाने का सीधा आरोप लगाया। उनके वहां से जाने के कुछ ही समय बाद स्थिति और अधिक हिंसक हो गई और विरोध प्रदर्शन अचानक भड़क उठा।

फॉर्म 6 का दुरुपयोग

आरोप लगाया गया है कि फॉर्म 6 का उपयोग बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे एनडीए शासित राज्यों के लोगों को बंगाल में मतदाता बनाने के लिए हो रहा है। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि BJP ने केवल एक ही दिन में करीब 30,000 फॉर्म 6 जमा किए हैं जो पूरी तरह संदिग्ध हैं। इस मुद्दे को लेकर TMC कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया और इस धांधली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

ममता बनर्जी की शिकायत

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस गंभीर मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक पत्र लिखकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने पत्र में BJP पर बाहरी राज्यों के मतदाताओं को बड़े पैमाने पर बंगाल की सूची में शामिल करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने का विशेष आग्रह किया।

वाहनों में तोड़फोड़

झड़प के दौरान गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने वहां खड़े वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बीच-बचाव करना पड़ा जिसके कारण पुलिस और प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं के बीच भी भिड़ंत हुई। हिंसा की इन तस्वीरों ने कोलकाता की सड़कों पर चुनावी सुरक्षा व्यवस्था की भारी पोल खोलकर दुनिया के सामने रख दी है।

सुरक्षा बलों की तैनाती

हालात को काबू में करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी के नए कार्यालय के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तुरंत तैनाती की गई है। पुलिस ने बताया कि कुछ समय के लिए स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी रही लेकिन बाद में अतिरिक्त बल प्रयोग से उसे नियंत्रित किया गया। वर्तमान में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भविष्य की हिंसा को रोकने के लिए पूरे इलाके की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहे हैं।

TMC का बड़ा दावा

प्रदर्शन कर रहे TMC समर्थकों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान BJP के लोगों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। TMC का कहना है कि वे केवल मतदाता सूची में हो रही धांधली का विरोध कर रहे थे जो लोकतंत्र की जड़ों के लिए खतरा है। दूसरी ओर BJP इन सभी आरोपों को निराधार बता रही है और इसे TMC का एक चुनावी स्टंट कह रही है।

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