By: Simran Singh
NavBharat Live Desk
सफेद रंग ईसाई धर्म में पवित्रता, मासूमियत और शुद्ध आत्मा का प्रतिनिधित्व करता है।
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शादी को जीवन का नया अध्याय माना जाता है और सफेद रंग नई शुरुआत तथा सच्चाई का प्रतीक है।
सफेद रंग शांति, ईमानदारी और सादगी को दर्शाता है, जो वैवाहिक जीवन की नींव मानी जाती है।
बाइबिल में सफेद रंग को दिव्यता और परमेश्वर के निकटता से जोड़ा गया है।
यह परंपरा 1840 में इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया (Queen Victoria) से शुरू हुई थी, जब उन्होंने अपने विवाह में सफेद गाउन पहना। उसके बाद से यह क्रिश्चियन शादी की पहचान बन गया।
सफेद गाउन विवाह को एक पवित्र बंधन और जीवनभर की एकता का प्रतीक बनाता है।
धीरे-धीरे पश्चिमी संस्कृति के असर से सफेद गाउन पहनना पूरी दुनिया की क्रिश्चियन शादियों का हिस्सा बन गया।