Christian Wedding पर किस कारण से पहना जाता है सफेद

29 Aug 2025

By: Simran Singh

NavBharat Live Desk

सफेद रंग ईसाई धर्म में पवित्रता, मासूमियत और शुद्ध आत्मा का प्रतिनिधित्व करता है।

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पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक

शादी को जीवन का नया अध्याय माना जाता है और सफेद रंग नई शुरुआत तथा सच्चाई का प्रतीक है।

नई शुरुआत का संकेत

सफेद रंग शांति, ईमानदारी और सादगी को दर्शाता है, जो वैवाहिक जीवन की नींव मानी जाती है।

शांति और सादगी

बाइबिल में सफेद रंग को दिव्यता और परमेश्वर के निकटता से जोड़ा गया है।

धार्मिक महत्व 

यह परंपरा 1840 में इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया (Queen Victoria) से शुरू हुई थी, जब उन्होंने अपने विवाह में सफेद गाउन पहना। उसके बाद से यह क्रिश्चियन शादी की पहचान बन गया।

परंपरा 

सफेद गाउन विवाह को एक पवित्र बंधन और जीवनभर की एकता का प्रतीक बनाता है।

एकता और पवित्र बंधन

धीरे-धीरे पश्चिमी संस्कृति के असर से सफेद गाउन पहनना पूरी दुनिया की क्रिश्चियन शादियों का हिस्सा बन गया।

सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव

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