FyuMINxaQAEk1ic

सीता के अपहरण के बावजूद रावण को क्यों पूजते हैं लोग?

रामायण का जिक्र रावण बगैर पूरा नहीं हो सकता। अमूमन रावण को दुराचारी, क्रूर और पापी राक्षस के रूप में चित्रित किया जाता है। फिर भी कई जगहों पर रावण की पूजा की जाती है। आइये जानते हैं क्यों?
Published on
Updated on
FyuEP0nakAALSgV
Caption: Twitter

शास्त्रों में रावण के चरित्र को काफी गुणवान और शक्तिशाली बताया गया है।

download (13)
Caption: Twitter

पौराणिक कथाओं में हम अक्सर सुनते हैं कि रावण ने सीता का हरण किया लेकिन उसे छुआ तक नहीं। इस घटना को देखते हुए कई लोग उन्हें सज्जन व्यक्ति कहते हैं।

Ravan-Picture-HD-Image
Caption: Twitter

यह भी माना जाता है कि रावण के 10 सिर यानी 10 दिमाग थे, जिसकी मदद से उसमें सोचने-समझने की क्षमता ज्यादा थी।

desktop-wallpaper-ravan-mahadev-lord-shiva-mahadev-iphone-thumbnail
Caption: Twitter

रावण को 1 नहीं बल्कि 4 वेदों और 6 उपनिषदों का ज्ञान था। इसके साथ ही इन्हें शिक्षा का भी गुरु माना जाता है। रावण ने ही शिव तांडव की शुरुआत की थी।

images (8)
Caption: Twitter

रावण किसी भी युद्ध के दौरान अपने शत्रुओं के मन में दृष्टि भ्रम उत्पन्न कर देता था।  माना तो ये भी जाता है कि उन्हें 64 प्रकार की कलाओं की समझ थी।

download (2)
Caption: Twitter

ऐसा माना जाता है कि रावण को संगीत में गहरी रुचि थी और वे एक बहुत ही निपुण वीणा वादक थे।

images (10)
Caption: Twitter

जिस दिन रावण का दहन होता है,  उस दिन को दक्षिण भारत और श्रीलंका में शोक का दिन माना जाता है।

00-1-2
Caption: Twitter

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में साल भर लोग रावण के पुतले का दहन करने की बजाय उसकी पूजा करते हैं।

download (5)
Caption: Twitter

मंदसौर गांव में रावण की 200 साल पुरानी मूर्ति है, जिसे लोग हर शुभ कार्य से पहले पूजते हैं।

download (7)
Caption: Twitter

इस गांव के लोग रावण को अपना दामाद मानते हैं, इसलिए इस गांव की कोई भी महिला उनकी मूर्ति के सामने बिना घूंघट के नहीं जाती है।

download (15)

संबंधित खबरें

No stories found.
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com