रावण का छल
आखिर क्यों महल में नहीं, अशोक वाटिका में माता सीता को रखता था रावण?, इस कथा से आप जान पाएगें की क्या हुआ था।
रावण का छल
पौराणिक कथाओं में बताया है कि माता सीता लंका में दो वर्षों तक रहीं और वह महल में नहीं रहती थी।
महल में रख सकें
कथाओं के अनुसार रावण के पास सभी ऐशोआराम थे लेकिन वह चाहकर भी माता सीता को महल में नहीं रख सकें।
रंभा
रावण अप्सरा रंभा को जबरदस्ती अपने महल में ले गया और दुराचार किया।
पुत्रवधू
रंभा ने रावण को बताया कि वह उनके भाई नलकुबेर की पुत्रवधू है लेकिन रावण नहीं माना।
रावण को श्राप
ये बात नलकुबेर को पता चली तो उसने रावण को श्राप दिया।
मर्जी के बिना
रावण किसी महिला को उसकी मर्जी के बिना महल में लाया तो रावण की मृत्यु हो जाएगी।
डर से
श्राप के डर से रावण सीता को महल में नहीं लाया।

